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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर 200 शब्दों में रचनात्मक लेखन लिखिए:
दुर्घटना से देर भली
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उत्तर
'दुर्घटना से देर भली' की कहावत को मैंने मेरे मन में लिख लिया है। सच में अधिकतर सड़क हादसों का कारण तेज गति से वाहन चलाना, नशे में वाहन चलाना तथा लापरवाही मूल कारण रहे हैं। मैंने भी एक बस दुर्घटना को नजदीक से देखा है।
जनवरी माह का तीसरा शनिवार था। सुबह के करीब दस बज रहे थे। में बस से अपने ऑफिस जा रही थी। बस ने जैसे ही एक स्टॉप को छोड़कर एक पूल को पार किया, अचानक एक बाइक गति से बस के सामने आ गयी। बस चालक ने एकदम ब्रेक लगा दिया। अचानक लगे इस ब्रेक से बस के अधिकतर यात्री अपनी सीट से उछल पड़े। जो यात्री खड़े थे, उनमें से कई निचे गिरते-गिरते बचे। मेरा सिर भी सामने की सीट से टकराते -टकराते बचा था। सौभाग्यवश किसी को भी गहरी चोट नहीं लगी।
बस के रुकने के बाद पता चला की बस से बाइक बुरी तरह से टकरा गयी थी। बस का तो केवल एक कोना ही क्षतिग्रस्त हुआ था, किन्तु इस टक्कर से बाइक चूर -चूर हो गई थी। बाइक पर दो युवक सवार थे। वे दोनों बस से टकराकर काफ़ी दूर जा गिरे थे। कुछ बस यात्री उतरकर उनकी और दौड़े। वे दोनों बुरी तरह घायल थे। लोग उन्हें अस्पताल ले जाने की बात करने लगे। टक्कर से हुयी क्षति के कारण बस आगे जाने के लिए लायक नहीं थी। इसलिए बस यात्री दूसरे बसों में सवार होकर अपने अपने गन्तव्य को चले गए। दुर्घटना के जगह पे उन दोनों को अस्पताल ले जाने का इंतजाम क्र रहे थे। थोड़ी देर में पुलिस आये और बस चालक से पूछताछ करने लगे। हमारी छोटी सी लापरवाही दुर्घटना का कारण बन सकती है जिससे कई लोगों की जान भी जा सकती है। जल्दी घर पहुचने की इसी चाह में न जाने कितने लोग दुर्घटनाओं में अपनी जान गवां देते हैं। इसी दुर्घटना की वजह से ही 'दुर्घटना से देर भली' इस कहावत को में कभी नहीं भूल सकती।
Notes
- भूमिका - 1 अंक
- विषयवस्तु - 3 अंक
- भाषा - 1 अंक
