भारत भूमि पर अनेक वीर योद्धा हुए हैं जिन्होंने देश की स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा के लिए अपार साहस और वीरता का प्रदर्शन किया। चित्तौड़ के महाराणा प्रताप ने अकबर की विशाल सेना का डटकर सामना किया। अपनी बुद्धिमत्ता और अनोखी युद्धनीति के बल पर मुगलों को चुनौती देने वाले तथा हिंदवी स्वराज्य की स्थापना करने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज भी ऐसे ही महान वीर थे। अंग्रेजों से निर्भीक होकर लड़ने वाली झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई और चित्तौड़ की रक्षा के लिए अकबर की सेना से वीरतापूर्वक युद्ध करने वाले जयमल-फत्ता जैसे योद्धा भी भारत की शान रहे हैं। इन सभी वीरों में गहरा देशप्रेम, हर परिस्थिति में सतर्क रहने की क्षमता, निडरता, बलिदान की भावना, दृढ़ संकल्प और अटूट लगन जैसी विशेषताएँ विद्यमान थीं।
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प्रश्न
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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यह वह मिट्टी, जिस मिट्टी में खेले थे यहाँ ध्रुव-से बच्चे। यह मिट्टी, हुए प्रहलाद जहाँ, जो अपनी लगन के थे सच्चे। शेरों के जबड़े खुलवाकर, थे जहाँ भरत दतुली गिनते, जयमल-पत्ता अपने आगे, थे नहीं किसी को कुछ गिनते! इस कारण हम तुमसे बढ़कर, हम सबके आगे चुप रहिए। अजी चुप रहिए, हाँ चुप रहिए। हम उस धरती के लड़के हैं...... |
(1) आकृति पूर्ण कीजिए: 2

(2) ‘भारत के वीर सपूतों की विशेषताएँ’ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। 2
आकलन
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उत्तर
(1)

(2)
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