Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
|
नीलांबर परिधान हरित पट पर सुंदर है, |
(1) उचित जोड़ियाँ मिलाइये- (2)
| अ | आ |
| नीलांबर | प्रेम प्रवाह |
| सूर्य-चन्द्र | सुंदर |
| नदियाँ | रत्नाकर |
| निर्मल | अमृत |
(2) पहली दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
Advertisements
उत्तर
(1)
| अ | आ |
| नीलांबर | सुंदर |
| सूर्य-चन्द्र | रत्नाकर |
| नदियाँ | प्रेम प्रवाह |
| निर्मल | अमृत |
(2) प्रस्तुत पंक्तियाँ 'मैथिलीशरण गुप्त' द्वारा रचित कविता 'मातृभूमि' से ली गयी हैं। मातृभूमि भारतमाता के सुंदर रूप का वर्णन करते हुए राष्ट्रकवि गुप्त जी कहते हैं, “मात्रभूमि ने हरे रंग का परिधान धारण किया है और उनके सिर पर नीला अंबर शोभायमान है। आसमान में उदित होने वाले सूर्य व चंद्र उसके युग मुकुट है व सागर करधनी के रूप में उसकी शोभा बढ़ा रहे हैं।"
