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प्रश्न
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियां कीजिए-
| देखकर जो विघ्न-बाधाओं को घबराते नहीं, रह भरोसे भाग्य के दुख भोग पछताते नहीं, काम कितना ही कठिन हो किन्तु उकताते नहीं, भीड़ में चंचल बनें जो वीर दिखलाते नहीं, मानते जी की हैं, सुनते हैं सदा सबकी कही, जो मदद करते हैं अपनी इस जगत में आप ही |
(1) कृतियाँ पूर्ण कीजिए - (2)
| कर्मवीर की विशेषताएँ |
| 1. ____________ |
| 2. ____________ |
| 3. ____________ |
| 4. ____________ |
(2) अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
संक्षेप में उत्तर
सारिणी
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उत्तर
(1)
| कर्मवीर की विशेषताएँ |
| 1. विघ्न-बाधाओं से नहीं घबराते हैं। |
| 2. भाग्य के भरोसे नहीं रहते हैं। |
| 3. कठिन काम से पलायन नहीं करते हैं। |
| 4. मदद करने को हमेशा तैयार रहते हैं। |
(2) प्रस्तुत प्रेरक पंक्तियाँ कवि आयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' द्वारा रचित कविता 'कर्मवीर' से ली गयी हैं। कविं के मतानुसार कर्मवीर वे होते हैं जो कठिन काम करने से उकताते नहीं व भीड़ में कभी विचलित नहीं होते। कर्मवीर वे हैं जों अपने मन कीं बात मानते हैं पर साथ में सबकी कही बात भी सुनते हैं। वे अपनी मदद स्वयं ही करने पर विश्वास रखते हैं।
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कर्मवीर
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