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प्रश्न
निम्नलिखित पठित गदूयांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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“सबसे आगे वाला उनका नेता होता है। वही उड़ने की रफ्तार और दिशा तय करता है। उसके पंखों को बाकियों से ज्यादा मेहनत करनी होती है। सामने आने वाले खतरों को वह पहले पहचानता है। वह हवा को काटता है, उसके बाद बाकी के हंस हवा को काटते हुए चलते हैं और अपने से पीछे उड़ने वाले हंसों के लिए वह उड़ान को आसान बनाते चलते हैं।” माँ कहतीं। “लेकिन माँ, सबसे आगे वाला ज्यादा मेहनत करता है और सबसे पीछे वाले के लिए रास्ता आसान बनाता चलता है, ऐसा क्यों? उससे उसे क्या फायदा?” “मैंने कहा न कि ये रिश्तेदार हैं। ये जानते हैं कि कर भला तो हो भला इसलिए ये एक-दूसरे का साथ देते हुए चलते हैं। ये बहुत दूर तक उड़ते हुए चले जाते हैं। ये एक बार में दस घंटे उड़ सकते हैं।” “दस घंटे” “हाँ, बेटा। कई बार उससे भी ज्यादा। इनमें सबसे आगे वाला हंस सबसे अधिक मेहनत करता है। फिर जब वह थकने लगता है तो सबसे पीछे वाला उसकी जगह लेने पहुँच जाता है। ऐसे ही सारे हंस उड़ते हुए अपनी-अपनी जगह बदलते चले जाते हैं। मैंने बताया न, सबसे आगे वाला नेता होता है और वह दूसरे हंसों के लिए उड़ान को आसान बनाता हुआ अपने पंखों से हवा को काटता चलता है।” |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए: 2

(2) कारण लिखिए: 2
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- सबसे आगे वाला हंस ज्यादा मेहनत करता है, कारण --------------
- हंस एक-दूसरों का साथ देते हुए चलते हैं, कारण --------------
(3) ‘कर भला तो हो भला’ इस कथन पर 30 से 40 शब्दों में अपने विचार लिखिए। 3
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उत्तर
(1)

(2)
- सबसे आगे वाला हंस ज्यादा मेहनत करता है, कारण सबसे पीछे वाले हंस के लिए रास्ता आसान बनाने के लिए वह हवा को काटता है।
- हंस एक-दूसरे का साथ देते हुए चलते हैं, कारण ये रिश्तेदार हैं और ये जानते हैं कि कर भला तो हो भला।
(3) “कर भला तो हो भला” कहावत समाज के अनुभव पर आधारित है। यदि हम दूसरों की भलाई करेंगे, तो ईश्वर भी हमारी भलाई करेगा। दूसरों की मदद करने, न्याय करने और अच्छे कार्य करने से समाज खुशहाल बनता है और बुराई दूर होती है, इसलिए हमेशा भला करना चाहिए।
