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प्रश्न
निम्नलिखित परिच्छेद को पढ़कर इसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
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भारत में प्रथम अनूठा ‘पुस्तकों का गाँव’ महाबलेश्वर के निकट भिलार नामक गाँव है। यह गाँव प्राकृतिक सुंदरता और स्ट्रॉबेरी की मिठास लिये हुए है। इस पुस्तक के गाँव में अनेक घरों में पर्यटकों के लिए पुस्तकें उपलब्ध हैं। वाचन आंदोलन का प्रचार हो, मराठी भाषा के नए पुराने लेखक, संत साहित्य, कहानी उपन्यास, कविताएँ, ललित साहित्य, चरित्र-आत्मचरित्र, नारी साहित्य, खेलकूद, बालसाहित्य से खिले हुए हरे-भरे विश्व में आप ‘वाचन आनंद’ लें; इसके लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा यह परियोजना चलाई गई है। यदि आप घूमने के लिए महाबलेश्वर गए तो भिलार गाँव अर्थात पुस्तक के गाँव में अवश्य जाइए। |
प्रश्न:
- पुस्तकों के गाँव का नाम लिखिए। (1)
- महाराष्ट्र सरकार ने कौन-सी योजना शुरू की? (1)
- पुस्तकों के गाँव के बारे में अपना मत दीजिए। (2)
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उत्तर
- पुस्तकों के गाँव का नाम ‘भिलार’ है।
- महाराष्ट्र सरकार ने पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने के लिए भिलार परियोजना की शुरुआत की।
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- भिलार गाँव महाबलेश्वर के पास स्थित है। यह प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, बड़े पैमाने पर स्ट्रॉबेरी का उत्पादन करता है और आज “पुस्तकों का गाँव” के रूप में प्रसिद्ध है।
- इस गाँव के कई घरों में पर्यटकों के पढ़ने के लिए पुस्तकें रखी गई हैं।
- यहाँ आने वाले पर्यटक प्रकृति के बीच बैठकर पुस्तकों का आनंद लेते हैं।
- पर्यटकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरकार ने संत साहित्य, कहानियाँ, उपन्यास, आत्मकथाएँ, कविताएँ, नारी साहित्य, बाल साहित्य आदि अनेक प्रकार की पुस्तकें उपलब्ध कराई हैं।
लोगों में पढ़ने की रुचि बढ़ाने के लिए पर्यटन स्थलों पर मुफ्त पढ़ने की सुविधा उपलब्ध कराने की सरकार की यह योजना मुझे बहुत अच्छी लगी।
