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निम्नलिखित में विभेद करो | रसदारु तथा अंतःकाष्ठ

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प्रश्न

निम्नलिखित में विभेद करो | 

रसदारु तथा अंतःकाष्ठ

अंतर स्पष्ट करें
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उत्तर

क्र. सं.

रस काष्ठ

अंतःकाष्ठ

1.

द्वितीयक जाइलम का परिधि की ओर स्थित हल्के रंग का भाग रस काष्ठ कहलाता है।

द्वितीयक जाइलम के केन्द्र की ओर स्थित गहरे रंग का भाग अंतःकाष्ठ या दृढ़ काष्ठ कहलाता है।

2.

रस काष्ठ की वाहिकाओं में रेजिन, टैनिन, तेल, गोंद आदि का संचय नहीं होता। टाइलोसिस नहीं बनते।

अंतःकाष्ठ की वाहिकाओं में टैनिन, रेजिन, तेल, गोंद एकत्र हो जाता है। वाहिकाओं में टाइलोसिस बन जाते हैं।

3.

रस काष्ठ की वाहिकाओं की गुफा अवरुद्ध नहीं होती। ये जल एवं खनिज पदार्थों का संवहन करती हैं।

अंतःकाष्ठ की वाहिकाओं का मार्ग अवरुद्ध हो जाने के कारण ये जल तथा खनिज लवणों का संवहन नहीं करती। यह पौधे को यांत्रिक आधार प्रदान करता है।

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द्वितीयक वृद्धि - संवहन कैंबियम
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