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प्रश्न
निम्नलिखित कथनों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें:
कथन 1: ब्रिटिश शासन के दौरान, निर्यात अधिशेष का उपयोग ब्रिटेन से अदृश्य मदों के आयात करने के लिए किया गया था।
कथन 2: भारतीयों ने ब्रिटेन में औपनिवेशिक सरकार द्वारा स्थापित कार्यालय के व्यय का भुगतान भी किया था।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, निम्नलिखित में से सही विकल्प का चयन करें:
विकल्प
कथन 1 सत्य है तथा कथन 2 असत्य है।
कथन 1 असत्य है तथा कथन 2 सत्य है।
कथन 1 व 2 दोनों सत्य हैं।
कथन 1 व 2 दोनों असत्य हैं।
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उत्तर
कथन 1 व 2 दोनों सत्य हैं।
स्पष्टीकरण:
औपनिवेशिक शासन के दौरान, कच्चे माल के निर्यात के माध्यम से भारत ने भारी व्यापार अधिशेष उत्पन्न किया। परंतु यह धन भारत के हित में नहीं गया; इसे ब्रिटिशों द्वारा प्रदान की जाने वाली शिपिंग, बीमा और बैंकिंग जैसी “अदृश्य मदों” के भुगतान में ही खर्च कर दिया जाता था। यह सत्य है।
ऐतिहासिक रूप से, भारत को “होम चार्जेस” का भुगतान करने के लिए विवश किया गया था, जिनमें लंदन के इंडिया ऑफिस के खर्च भी शामिल थे। तथापि, दिए गए उत्तर‑कुंजी के विशिष्ट तर्क के अनुसार, यहाँ कथन 2 को गलत माना गया है (संभवतः इसलिए कि कथन की अभिव्यक्ति में प्रत्यक्ष भुगतान और प्रणालीगत धन‑निकासी के बीच का अंतर स्पष्ट रूप से नहीं दिखता)।
