Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित कथन मे दत्त तथा साध्य लिखिए।
समांतर चतुर्भुज के विकर्ण परस्पर समद्विभाजित होते हैं।
Advertisements
उत्तर
इस कथन को सशर्त रूप में, 'यदि दिया गया चतुर्भुज समांतर चतुर्भुज है, तो इसके विकर्ण परस्पर समद्विभाजित होते है।
दत्त : दिया गया चतुर्भुज समांतर चतुर्भुज है।
साध्य : इसके विकर्ण परस्पर समद्विभाजित करते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित कथन को यदि-तो के रूप में लिखिए।
समांतर चतुर्भुज के सम्मुख कोण सर्वांगसम होते हैं।
निम्नलिखित कथन को यदि-तो के रूप में लिखिए।
आयत के विकर्ण सर्वांगसम होते हैं।
नीचे दिए गए कथन का विलोम लिखिए।
दो रेखाओं को एक तिर्यक रेखा द्वारा प्रतिच्छेदित करने पर बनने वाले अंतः कोणों की एक जोड़ी संपूरक हो तो वे रेखाएँ परस्पर समांतर होती हैं।
नीचे दिए गए कथन का विलोम लिखिए।
आयत के विकर्ण सर्वांगसम होते हैं।
निम्नलिखित कथन सशर्त रूप में लिखिए ।
प्रत्येक समचर्तुभुज यह वर्ग होता है ।
निम्नलिखित कथन सशर्त रूप में लिखिए ।
रैखिक युगल कोण परस्पर संपूरक होते हैं ।
निम्नलिखित कथन सशर्त रूप में लिखिए ।
त्रिभुज यह तीन रेखाखंडों द्वारा निर्मित आकृति होती है ।
निम्नलिखित कथन के विलोम लिखिए ।
किसी बहुभुजाकृति के कोणों के मापों का योग 180° हो, तो वह आकृति त्रिभुज की होती है ।
निम्नलिखित कथन के विलोम लिखिए।
दो कोणों के मापों का योग 90° हो तो वे परस्पर कोटिपूरक कोण होते हैं।
निम्नलिखित कथन के लिए नाम निर्देशित आकृति बनाकर दत्त तथा साध्य लिखिए।
त्रिभुज की दो भुजाओं पर खींचे गए शीर्षलंब यदि सर्वांगसम हों तो वे दोनों भुजाएँ सर्वांगसम होती हैं।
