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निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढक़र इसके आधार पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए: आज के दौर में जिसे देखो, वही दुखी, परेशीन, हताश और उदास नजर आता है ।

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प्रश्न

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढक़र इसके आधार पर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:

आज के दौर में जिसे देखो, वही दुखी, परेशीन, हताश और उदास नजर आता है। तमाम तरह की चिंताओं ने लोगों को घेर रखा है। कोई अपनी सेहत को लेकर परेशान रहता है, तो कोई काम-धंधे की मंदी या वेतन में कटौती से दुखी है। किसी को भविष्य की चिंता सता रही है तो कोई अपने मान-सम्मान के बारे में सोच कर मायूस महसूस कर रहा है। जाहिर है, ऐसे में हर कोई खुशी के पीछे भाग रहा है। कई लोग सोचते हैं कि अमीर उद्योगपति या मोटा वेतन पाने वाले पेशेवर लोग खुश रहते हैं और गरीबी या आर्थिक विपनन्‍नता ही खुशी से वंचित रहने की एकमात्र वजह है। लेकिन अगर धन से खुशी आती तो दुनिया में कई धनी लोग कुंठा और हताशा में जीवन नहीं जीते। खुशी पैसा नहीं, संतुष्टि का भाव है। यह पैसे से नहीं, हमारे प्रयासों से आती है और सबसे बड़ी बात है कि खुशी के पीछे भागने से खुशी नहीं मिलती। खुशी हमारे बिल्कुल आसपास होती है, जिसे हमें पहचानना और ग्रहण करना होता है।

ज्यादातर लोग खुशी हमेशा बाहर खोजते हैं, जबकि यह उसी परिवार में उपलब्ध होती है, जिसका हम अहम हिस्सा होते हैं। मुश्किल यह हैं कि आजकल परिवार की परिभाषा सिकुड़ गई है। हम सिर्फ पति-पत्नी और अपने बच्चों को ही परिवार मानने लगे हैं जबकि भाई-बहन, देवर-देवरानी, जेट-जेठानी, सास-ससुर, चाचा-मामा आदि सभी इस परिवार के सदस्य होते हैं। जब हम अपने परिवार के सदस्यों की खुशी में सच्चे मन से सम्मिलित होने लगते हैं और उनकी खुशी के लिए सक्रिय रहते हैं, तो खुशी स्वयं हमारे पास आती है। जब हम इस मानसिकता से व्यवहार करते हैं, तो परिवार के दूसरे सदस्य भी हमारे लिए ऐसा ही करते हैं। फिर खुशी न मिलने का कोई कारण नहीं हो सकता। इसलिए हम भले ही एक चारदीवारी में न रहकर अलग रहते हों, अलग खाना बनाते हैं, लेकिन मन से हम अपने संपूर्ण परिवार से जुड़े रह सकते हैं ।

(i) निम्नलिखित में से कौन-सा/से वाक्य गद्यांश से मेल खाते हैं ?   [1]

    1. संपूर्ण परिवार से जुड़कर खुशी पाई जा सकती है।
    2. दादा-दादी, चाचा-चाची, बुआ आदि को मिलाकर परिवार मानना चाहिए।
    3. दुनिया में सभी धनी कुंठाग्रस्त और हताश नहीं है।
    4. तथाकथित खुशी को धन से नहीं खरीदा जा सकता।
      विकल्प:
      1. केवल I
      2. II और III
      3. केवल IV
      4. I, II, IV

(ii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए। उसके बाद दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर लिखिए:   [1]

कथन: हमें अपने परिवार की खुशियों में सच्चे मन से और सक्रियता से उपस्थित रहना चाहिए।

कारण: यही प्रसन्न रहने का एकमात्र साधन है।

विकल्प:

  1. कथन तथा कारण दोनों ग़लत हैं।
  2. कथन ग़लत हैं, लेकिन कारण सही है।
  3. कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
  4. कथन सही है, लेकिन कारण उसकी गलत व्याख्या करता है।

(iii) प्रत्येक व्यक्ति खुशी के पीछे क्यों भाग रहा है?    [1]

  1. आर्थिक विपन्नता के कारण
  2. विभिन्‍न चिंताओं से घिरे होने के कारण
  3. 'खुशी' से स्वस्थ रह पाएँगे, ऐसी सोच के कारण
  4. 'खुशी' से पैसा आएगा, ऐसी सोच के कारण

(iv) खुश रहने के लिए आवश्यक है:    [1]

  1. आर्थिक संपन्नता
  2. प्रतिष्ठित होना
  3. उद्योगपति होना
  4. संतोषी होना

(v) आजकल लोगों की चिंता के कारण हैं:    [1]

  1. अस्वस्थ होना, वेतन कटौती, व्यावसायिक मंदी
  2. आर्थिक मंदी, अस्वस्थ होना, हताशा
  3. उदासी, वेतन कटौती, व्यावसायिक मंदी
  4. निराशा, आर्थिक मंदी, अस्वस्थ होना
आकलन
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उत्तर

  1. I, II, IV
  2. कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
  3. विभिन्‍न चिंताओं से घिरे होने के कारण
  4. संतोषी होना
  5. उदासी, वेतन कटौती, व्यावसायिक मंदी
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अपठित गद्यांश
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