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निम्नलिखित अभिक्रिया का अपचयोपचय अभिक्रिया के रूप में औचित्य स्थापित करने का प्रयास कीजिए- CuO(s)+HX2(g)+Cu(s)+HX2O(g) - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

निम्नलिखित अभिक्रिया का अपचयोपचय अभिक्रिया के रूप में औचित्य स्थापित करने का प्रयास कीजिए-

\[\ce{CuO(s) + H2(g) + Cu(s) + H2O(g)}\]

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

\[\ce{\overset{+2}{Cu}\overset{-2}{O}(s) + \overset{0}{H2}(g) -> \overset{0}{Cu}(s) + \overset{+1}{H2}\overset{-2}{O}(g)}\]

इस अभिक्रिया में, Cu की ऑक्सीकरण अवस्था +2 (CuO में) से घटकर शून्य (Cu में) हो जाती है जबकि H की ऑक्सीकरण अवस्था शून्य (H2 में) से बढ़कर +1 (H2O में) हो जाती है। इसलिए अभिक्रिया में CuO का अपचयन तथा H का ऑक्सीकरण हो रहा है। अतः यह एक अपचयोपचय अभिक्रिया है।

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ऑक्सीकरण-संख्या - अपचयोपचय अभिक्रियाओं का संतुलन
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