Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित पंक्तियों में उचित विराम चिह्नों का प्रयोग कीजिए −
क्या तुम भयभीत थीं
Advertisements
उत्तर
क्या तुम भयभीत थीं?
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
गिल्लू को मुक्त करने की आवश्यकता क्यों समझी गई और उसके लिए लेखिका ने क्या उपाय किया?
सोनजुही की लता के नीचे बनी गिल्लू की समाधि से लेखिका के मन में किस विश्वास का जन्म होता है?
पाठ के संदर्भ में उनाकोटी में स्थित गंगावतरण की कथा को अपने शब्दों में लिखिए।
लेखक ने अपने पिता से किया हुआ वायदा किस तरह निभाया? इससे आपको क्या सीख मिलती है?
हामिद को लेखक की किन बातों पर विश्वास नहीं हो रहा था?
तक्षशिला में आगजनी की खबर पढ़कर लेखक के मन में कौन-सा विचार कौंधा? इससे लेखक के स्वभाव की किस विशेषता का परिचय मिलता है?
‘तक्षशिला और मालाबार के लोगों में सांप्रदायिक सद्भाव में क्या अंतर है’? हामिद खाँ पाठ के आधार पर लिखिए।
"यह धर्मयात्रा है। चलकर पूरी करुँगा।" गांधी जी के इस क्थन द्वारा उनके किस चारित्रिक गुण का परिचय प्राप्त होता है।
खरबूजे बेचने आई महिला फफक-फफक कर क्यों रोए जा रही थी?
‘दुख का अधिकार’ पाठ का उद्देश्य मानवीय संवेदना जगाना है।’ पाठ के आलोक में स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
लेखिका को सागरमाथा नाम क्यों अच्छा लगा?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
लेखिका को ध्वज जैसा क्या लगा?
निम्नलिखित शब्दों के पर्याय लिखिए
- वारिस – ____________
- जिगरी – ___________
- कहर – ___________
- मुकाम – ___________
- रूबरू – ___________
- फ़र्क – ___________
- तालीम – ___________
- गिरफ्तार – ___________
पीड़ितों के दल-के-दल गामदेवी के मणिभवन पर उमड़ते रहते थे।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
पाश्चात्य देशों में धनी और निर्धन लोगों में क्या अंतर है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
कैलेंडर की तारीखें किस तरह फड़फड़ा रही हैं?
निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए -
इनके कपड़े देने हैं। (स्थानसूचक प्रश्नवाची)
अतिथि को आया देख लेखक की क्या दशा हुई और क्यों?
अतिथि रूपी देवता और लेखक रूपी मनुष्य को साथ-साथ रहने में क्या परेशानियाँ दिख रही थीं?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
तुम्हारे मानने ही से मेरा ईश्वरत्व कायम नहीं रहेगा, दया करके, मनुष्यत्व को मानो, पशु बनना छोड़ो और आदमी बनो !
