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प्रश्न
निम्न सारिणी को पूर्ण कीजिए।
| भजन | कीर्तन | ललित | भारुड़ | |
| गुण विशेषताएँ | ||||
| उदाहरण |
सारिणी
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उत्तर
| भजन | कीर्तन | ललित | भारुड़ | |
| गुण विशेषताएँ | (१) करनाल और मृदंग के साथ ईश्वर का गुणगान। (२) नाम स्मरण के रूप में पद्य रचनाओं का गायन। |
(१) नमन, निरूपण का अभंग तथा उसके निरूपण को पूर्वरंग कहते हैं। (२) आख्यान को उत्तररंग कहते हैं। |
(१) धार्मिक पर्व के अवसर पर देवी प्रार्थना की जाती है। (२) नाट्य प्रवेश की तरह राम-कृष्ण की कथा प्रस्तुत करना। |
(१) आध्यात्मिक तथा नैतिक शिक्षा। (२) प्रस्तुतीकरण में नाट्यात्मकता तथा विविधता होती है। |
| उदाहरण | (१) संत तुलसीदास (२) संत नामदेव के भजन |
(१) नारदीय कीर्तन (२) महात्मा फुले के सत्यशोधक कीर्तन |
(१) गोवा तथा कोंकण भागों में बड़े पैमाने पर प्रचलित। | (१) ज्ञानेश्वर, नामदेव के भारुड (२) संत एकनाथ के भारुड सबसे लोकप्रिय हैं। |
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लोकनाट्य
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