Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्न अवधारणाओं को स्पष्ट कीजिए।
राष्ट्रवादी इतिहास लेखन
स्पष्ट कीजिए
Advertisements
उत्तर
- उन्नीसवीं शताब्दी में भारत में अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली के प्रारंभ होने से भारतीयों को अपने प्राचीन और गौरवशाली इतिहास का ज्ञान हुआ।
इन शिक्षित भारतीय इतिहासकारों ने जब भारत के अतीत का अध्ययन किया, तो उन्होंने प्राच्यवादी (Orientalist) और औपनिवेशिक (Colonial) इतिहासकारों द्वारा किए गए पक्षपाती इतिहास लेखन का विरोध किया। - उन्होंने भारत के स्वर्ण युग, उसकी संस्कृति, विज्ञान, कला और राजनीतिक उपलब्धियों को उजागर किया। ऐसे इतिहास लेखन को ही “राष्ट्रवादी इतिहास लेखन” कहा जाता है।
- राष्ट्रवादी इतिहास लेखन से भारतीयों में राष्ट्रीय चेतना का विकास हुआ और स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रेरणा मिली। इसके माध्यम से प्रादेशिक इतिहास के लेखन को भी प्रोत्साहन मिला।
shaalaa.com
भारतीय इतिहास लेखन : विविध सैद्धांतिक प्रणालियाँ
क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
संस्कृत ग्रंथ ‘हितोपदेश’ का जर्मन भाषा में ______ ने अनुवाद किया।
निम्न में से असत्य जोड़ी को पहचानकर लिखिए।
निम्न कथनों को कारणसहित स्पष्ट कीजिए।
प्रादेशिक इतिहास लेखन को प्रोत्साहन मिला।
मार्क्सवादी लेखन किसे कहते हैं?
इतिहास लेखन में इतिहासकार वि. का. राजवाडे के योगदान को स्पष्ट कीजिए।
निम्न सारिणी पूर्ण कीजिए।
| जेम्स मिल | द हिस्ट्री ऑफ ब्रिटिश इंडिया |
| जेम्स ग्रांट डफ | _________________ |
| __________ | द हिस्ट्री ऑफ इंडिया |
| श्री. अ. डांगे | ________________ |
| ___________ | हू वेअर द शूद्राज |
निम्न संकल्पनाचित्र को पूर्ण कीजिए।

निम्न अवधारणाओं को स्पष्ट कीजिए।
प्राच्यवादी इतिहास लेखन
निम्न अवधारणाओं को स्पष्ट कीजिए।
उपेक्षितों का इतिहास
उन्नीसवीं शताब्दी में स्त्रियों के विषय में लेखन करने वाली लेखिकाओं में ______ का नाम अग्रणी है।
