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प्रश्न
नीचे दिए गए प्रश्न पर चर्चा कीजिए और उसका उत्तर लिखिए-
“अरध निमेष कलप सम बीता” पंक्ति का भाव स्पष्ट करते हुए बताइए कि कविता में यह किसके संदर्भ में कहा गया है और क्यों?
लघु उत्तरीय
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उत्तर
राम द्वारा धनुष तोड़े जाने पर सीता अत्यंत प्रसन्न थीं, लेकिन परशुराम के यह प्रतिज्ञा करने पर कि धनुष तोड़ने वाले को वह दंड देंगे, वे चिंतित हो उठीं। वे परशुराम के उग्र और हठी स्वभाव से भली-भांति परिचित थीं, इसलिए वे बेचैन और अधीर हो गईं। उनकी प्रतीक्षा का हर क्षण उन्हें बहुत लंबा, मानो हजारों वर्षों के समान प्रतीत होने लगा।
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