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नीचे दी गई पंक्तियों को पढ़िए- “भारति, जय, विजयकरे! कनक- शस्य- कमलधरे!” इन पंक्तियों में कवि ने चित्रात्मक भाषा का प्रयोग करते हुए भारतभूमि का मनोरम चित्र प्रस्तुत किया है।

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प्रश्न

नीचे दी गई पंक्तियों को पढ़िए-

“भारति, जय, विजयकरे!
कनक- शस्य- कमलधरे!”

इन पंक्तियों में कवि ने चित्रात्मक भाषा का प्रयोग करते हुए भारतभूमि का मनोरम चित्र प्रस्तुत किया है। इस कविता की कुछ अन्य विशेषताओं की सूची नीचे दी गई है। कविता में से उन विशेषताओं वाली पंक्तियों को ढूँढ़कर लिखिए-

विशेषताएँ कविता की पंक्तियाँ
प्रकृति का मानवीकरण  
आलंकारिक प्रयोग  
समस्त पद/सामासिक पद का प्रयोग  
संस्कृतनिष्ठ भाषा प्रयोग  
तालिका पूरा करें
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उत्तर

विशेषताएँ कविता की पंक्तियाँ
प्रकृति का मानवीकरण धोता शुचि चरण युगल
आलंकारिक प्रयोग गंगा ज्योतिर्जल-कण धवल धार हार गले।
समस्त पद/सामासिक पद का प्रयोग तरु-तृण-वन-लता वसन
संस्कृतनिष्ठ भाषा प्रयोग प्राण प्रणव ओंकार
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अध्याय 10: भारति, जय, विजयकरे! - अभ्यास [पृष्ठ १६९]

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एनसीईआरटी Hindi Ganga [English] Class 9
अध्याय 10 भारति, जय, विजयकरे!
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ १६९
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