Advertisements
Advertisements
प्रश्न
नीचे दी गई पंक्ति का अर्थ समझते हुए इनका भाव स्पष्ट कीजिए-
“लंका पदतल शतदल,
गर्जितोर्मि सागर-जल
धोता शुचि चरण युगल!”
Advertisements
उत्तर
अर्थ: इन पंक्तियों में कवि ने भारतभूमि को एक अलौकिक देवी के रूप में प्रस्तुत किया है। “लंका पदतल शतदल” से तात्पर्य है कि लंका भारत माता के चरणों के नीचे कमल के समान शोभायमान है। “गर्जितोर्मि सागर-जल” का अर्थ है कि समुद्र की ऊँची और गर्जन करती लहरें उठ रही हैं, तथा “धोता शुचि चरण युगल” के अनुसार वे भारत माता के पवित्र चरणों का अभिषेक कर रही हैं।
भाव: इन पंक्तियों के माध्यम से कवि ने भारत की गौरवशाली महिमा और श्रेष्ठता का अत्यंत प्रभावशाली चित्रण किया है। भारत को एक वंदनीय देवी के रूप में दर्शाया गया है, जिसके चरणों की सेवा स्वयं समुद्र भी श्रद्धापूर्वक करता है। यह वर्णन पाठकों के मन में राष्ट्र के प्रति सम्मान, गर्व और भक्ति की भावना जागृत करता है तथा भारत की उच्च और प्रतिष्ठित स्थिति को रेखांकित करता है।
