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प्रश्न
नीचे दी गई पंक्ति का अर्थ समझाते हुए भाव स्पष्ट कीजिए-
“तीरथ बरत न करूँ अंदेसा, तुम्हरे चरन कमल एक भरोसा।”
स्पष्ट कीजिए
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उत्तर
अर्थ: इस पंक्ति में संत रैदास यह व्यक्त करते हैं कि उन्हें तीर्थ यात्रा या व्रत करने की कोई आवश्यकता या चिंता नहीं है। उनके लिए एकमात्र सहारा और दृढ़ विश्वास केवल भगवान के चरण-कमलों में ही है।
भाव: यहाँ कवि सच्ची भक्ति के महत्व को स्पष्ट करते हैं। वे बाहरी धार्मिक क्रियाओं (जैसे तीर्थ और व्रत) की अपेक्षा मन की शुद्ध भक्ति और प्रभु के चरणों में पूर्ण समर्पण को अधिक श्रेष्ठ मानते हैं। इस पंक्ति में अटूट श्रद्धा, विश्वास और सच्चे आश्रय की भावना प्रकट होती है।
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