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नेत्र किस प्रकार रेटिना पर पड़ने वाले प्रकाश का नियमन करते हैं?

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प्रश्न

नेत्र किस प्रकार रेटिना पर पड़ने वाले प्रकाश का नियमन करते हैं?

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उत्तर

रेटिना पर पड़ने वाले प्रकाश की मात्रा का नियमन उपतारा द्वारा किया जाता है। यह एक मुद्राकार, चपटा, मिलेनिन वर्णकयुक्त तन्तुपट के रूप में होता है। इसके गोल छिद्र को तारा या पुतली कहते हैं। उपतारा में अरेखित अरीय प्रसारी पेशियाँ तथा अरेखित वर्तुल अवरोधिनी पेशियाँ होती हैं। अरीय पेशियों के संकुचन से पुतली का व्यास बढ़ जाता है और वर्तुल पेशियों के संकुचन से पुतली का व्यास घट जाता है। इस प्रकार ये पेशियाँ क्रमशः मन्द प्रकाश और तीव्र प्रकाश में संकुचित होकर रेटिना पर पड़ने वाले प्रकाश की मात्रा का नियमन करती हैं।

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