हिंदी

नाटकों में स्त्रियों का प्राकृत बोलना उनके ग्रामीण होने का प्रमाण नहीं। (संयुक्त वाक्य में बदलिए) - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

नाटकों में स्त्रियों का प्राकृत बोलना उनके ग्रामीण होने का प्रमाण नहीं। (संयुक्त वाक्य में बदलिए)

व्याकरण
Advertisements

उत्तर

स्त्रियाँ नाटकों में प्राकृत बोलती थीं, पर यह उनके ग्रामीण होने का प्रमाण नहीं है।

shaalaa.com
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
2025-2026 (March) 3/2/1

APPEARS IN

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×