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मैंने समझा फूल और काँटे कविता से - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

मैंने समझा फूल और काँटे कविता से 

लघु उत्तरीय
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उत्तर

इस कविता ने मुझे यह सिखाया कि हमें सभी के साथ समानता और प्रेम से व्यवहार करना चाहिए। हमें प्रकृति से प्रेरणा लेकर दूसरों की मदद करनी चाहिए, न कि भेदभाव करना चाहिए।
हमें फूलों की तरह सुगंध फैलानी चाहिए, कांटों की तरह चुभना नहीं चाहिए।

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अध्याय 2: फूल और काँटे - अंतःपाठ प्रश्न [पृष्ठ ६६]

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बालभारती Hindi Sulabhbharati Ekatmik [Marathi] Standard 7 Maharashtra State Board
अध्याय 2 फूल और काँटे
अंतःपाठ प्रश्न | Q ५. | पृष्ठ ६६
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