Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘मैं यहाँ स्वच्छंद हूँ’-कवि ने ऐसा क्यों कहा है? ‘चंद्र गहना से लौटती बेर’ पाठ के आधार पर लिखिए।
Advertisements
उत्तर
‘मैं यहाँ स्वच्छंद हूँ’-कवि ने ऐसा इसलिए कहा है क्योंकि इस समय उसके पास कोई आवश्यक काम नहीं है। इसके अलावा उसे आवश्यक कार्यवश कहीं आना-जाना भी नहीं है। वह प्राकृतिक सौंदर्य को देखने और उनका आनंद उठाने के लिए स्वतंत्र है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
भाव स्पष्ट कीजिए -
(क) जेब टटोली कौड़ी न पाई।
(ख) खा-खाकर कुछ पाएगा नहीं,
न खाकर बनेगा अहंकारी।
नाव किसका प्रतीक है? कवयित्री उसे कैसे खींच रही है?
कवयित्री ने अपने व्यर्थ हो रहे प्रयासों की तुलना किससे की है और क्यों?
‘कालिंदी कुल कदंब की डारन’ का भाव स्पष्ट करते हुए बताइए कि कवि ने इसका उल्लेख किस संदर्भ में किया
‘या मुरली मुरलीधर की अधरा न धरी अधरा न धरौंगी’ का भाव स्पष्ट करते हुए बताइए कि गोपी ने ऐसा क्यों कहा होगा?
‘मोट चून मैदा भया’ के माध्यम से कबीर क्या कहना चाहते हैं?
मनुष्य ईश्वर को क्यों नहीं खोज पाता है?
बच्चों को काम पर जाता देखकर आपके मन में जो विचार आते हैं उन्हें अपने शब्दों में लिखिए।
गाँव को 'मरकत डिब्बे सा खुला' क्यों कहा गया है?
अरहर और सनई के खेत कवि को कैसे दिखाई देते हैं?
‘ग्राम श्री’ कविता के आधार पर बताइए कि आकाश कैसा दिखाई दे रहा है?
प्रकृति सतत परिवर्तनशील है। ‘ग्राम श्री’ कविता में वर्णित आम, पीपल और ढाक के पेड़ों के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
'इस विजन में ......... अधिक है'- पंक्तियों में नगरीय संस्कृति के प्रति कवि का क्या आक्रोश है और क्यों?
अलसी के लिए 'हठीली' विशेषण का प्रयोग क्यों किया गया है?
लता ने बादल रूपी मेहमान को किस तरह देखा और क्यों?
‘बाँध टूटा झर-झर मिलन के अश्रु ढरके’ के आधार पर बताइए कि ऐसा कब हुआ और क्यों?
कभी-कभी उचित-अनुचित के निर्णय के पीछे ईश्वर का भय दिखाना आवश्यक हो जाता है, इसके क्या कारण हो सकते हैं?
दक्षिण दिशा का प्रतीकार्थ क्या है? यह दिशा जनसाधारण के लिए शुभ क्यों नहीं होती है?
आज यमराज का वास कहाँ-कहाँ दिखाई पड़ता है? वे वहाँ किस रूप में दिखाई देते हैं?
कवि की माँ ने उसे जो सीख दी थी उसकी परिधि आज किस तरह विस्तृत हो गई है? ‘यमराज की दिशा’ कविता के आधार पर लिखिए।
