Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘मैं सेवाग्राम में ............... माँ जैसी लगती’ गद्यांश में क्रिया पर ध्यान दीजिए।
Advertisements
उत्तर
इस गद्यांश में क्रिया वे शब्द हैं जो किसी कार्य, स्थिति या अवस्था का बोध कराते हैं। उदाहरण के लिए “लगती” एक क्रिया है, जो यह बताती है कि कोई व्यक्ति या वस्तु किसी के समान दिखाई देती है या महसूस होती है। इस वाक्य में “लगती” से पता चलता है कि वह माँ के समान प्रतीत होती है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
नीचे दिए गए वाक्य पढ़िए तथा ‘और’ शब्द के विभिन्न प्रयोगों पर ध्यान दीजिए-
- पास में सुंदर और शक्तिशाली युवक रहा करता था। (दो पदों को जोड़ना)
- वह कुछ और सोचने लगी। (‘अन्य’ के अर्थ में)
- एक आकृति कुछ साफ़ हुई… कुछ और … कुछ और… (क्रमशः धीरे-धीरे के अर्थ में)
- अचानक वामीरो कुछ सचेत हुई और घर की तरफ़ दौड़ गई। (दो उपवाक्यों को जोड़ने के अर्थ में)
- वामीरो का दुख उसे और गहरा कर रहा था। (‘अधिकता’ के अर्थ में)
- उसने थोड़ा और करीब जाकर पहचानने की चेष्टा की। (‘निकटता’ के अर्थ में)
क्रिया का लिंग और वचन सामान्यतः कर्ता और कर्म के लिंग और वचन के अनुसार निर्धारित होता है। वाक्य में कर्ता और कर्म के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार जब क्रिया के लिंग, वचन आदि में परिवर्तन होता है तो उसे अन्विति कहते हैं।
क्रिया के लिंग, वचन में परिवर्तन तभी होता है जब कर्ता या कर्म परसर्ग रहित हों;
जैसे- सवार कारतूस माँग रहा था। (कर्ता के कारण)
सवार ने कारतूस माँगे। (कर्म के कारण)
कर्नल ने वज़ीर अली को नहीं पहचाना। (यहाँ क्रिया, कर्ता और कर्म किसी के भी कारण प्रभावित नहीं है)
अतः कर्ता और कर्म के परसर्ग सहित होने पर क्रिया कर्ता और कर्म से किसी के भी लिंग और वचन से प्रभावित नहीं होती और वह एकवचन पुल्लिंग में ही प्रयुक्त होती है। नीचे दिए गए वाक्यों में ‘ने’ लगाकर उन्हें दुबारा लिखिए-
- घोड़ा पानी पी रहा था।
- बच्चे दशहरे का मेला देखने गए।
- रॉबिनहुड गरीबों की मदद करता था।
- देशभर के लोग उसकी प्रशंसा कर रहे थे।
निम्न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो
तकिया
निम्न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो
दही
लिखो :
पर्यायवाची शब्द :

निम्नलिखित शब्द के आधार पर मुहावरे लिखकर उनका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
जान
निम्नलिखित शब्द के आधार पर मुहावरे लिखकर उनका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
पानी
लकड़हारा और वन इस पाठ में प्रयुक्त कारक विभक्तियाँ ढूँढ़कर उनका वाक्यों में प्रयोग करो।
निम्न शब्द के पर्यायवाची शब्द लिखिए:

शब्द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्य लिखिए:
पुरानी विचार धारा और परंपरा एकदम घपले में पड़ गई है।
शब्द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्य लिखिए:
डायनासोर प्राणी अब दुर्लभ हो गए हैं।
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
फक्कड़ना लापरवाही और निर्मम अक्खड़ता उनके आत्मविश्वास का परिणाम थी।
निम्न वाक्य में कारक रेखांकित कर उनके नाम और चिह्न लिखकर पाठ से अन्य वाक्य खोजकर लिखिए:
यहाँ भी लोगों ने रहने के लिए घर बना रखे हैं।
निम्न वाक्य में कारक रेखांकित कर उनके नाम और चिह्न लिखकर पाठ से अन्य वाक्य खोजकर लिखिए:
हे मानव, मुझे क्षमा कर मैं पृथ्वी से बहुत दूर पहुँच चुका हूँ।
निम्न संधि का विग्रह कर उसका प्रकार लिखिए:
सब कुछ इतना सुंदर सजीव और मनोहर था।
रेखांकित वाक्यांश के स्थान पर उचित मुहावरा लिखिए:
रुग्ण शय्या पर पड़ी माता जी को देखकर मोहन का धीरज धीर-धीरे समाप्त हो रहा था।
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
तितली के पास सुंदर पंख होते हैं।
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
यह भोजन दस आदमी के लिए है।
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
कश्मीर में कई दर्शनीय स्थल देखने योग्य है।
प्रेरणार्थक क्रिया का रूप पहचानकर उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए:
जिसे वहाँ से जबरन हटाना पड़ता था।
प्रेरणार्थक क्रिया का रूप पहचानकर उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए:
महाराजा उम्मेद सिंह द्वारा निर्मित होने से ‘उम्मेद भवन’ कहलवाया जाता है।
निम्नलिखित मुहावरे/कहावत में से अनुपयुक्त शब्द काटकर उपयुक्त शब्द लिखिए:
धरती - सर - पर - उठाना - ______ - ______ - ______ - ______
‘हीन’ शब्द का प्रयोग करके कोई तीन अर्थपूर्ण शब्द तैयार करके लिखिए:
जैसे - आत्म + हीन = आत्महीन
(च) ______
(छ) ______
(ज) ______
दाएँ पंख में उपसर्ग तथा बाऍं पंख में प्रत्यय लगाकर शब्द लिखाे तथा उनके वाक्य बनाओ:

__________________
__________________
दाएँ पंख में उपसर्ग तथा बाऍं पंख में प्रत्यय लगाकर शब्द लिखाे तथा उनके वाक्य बनाओ:

__________________
__________________
दाएँ पंख में उपसर्ग तथा बाऍं पंख में प्रत्यय लगाकर शब्द लिखाे तथा उनके वाक्य बनाओ:

__________________
__________________
उचित विराम चिह्न लगाओ:
घर
किसी दिन हम भी आपके आएँगे।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :
जलाशय चॉंदी की भाँति चमचमा रहा था।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
सर्वेश ने परिश्रम किया और इस परिश्रम ने उसे सफल बना दिया।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
मैं कर्ज में डूबा था परंतु मुझे असंतोष न था।
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
इसे हिमालय क्यों कहते हैं ?
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
खूब पढ़ो खूब बढ़ो।
पाठ्यपुस्तक में आए संयुक्ताक्षरयुक्त तीन-तीन शब्द ढूँढ़ाे। उनके संयुक्ताक्षर बनने के प्रकारानुसार वर्गीकरण करो। उन शब्दों का अपने वाक्यों में प्रयोग करो।
चित्र देखकर उचित सर्वनाम
में लिखो :
(तू, मैं, वह, यह, क्या, जैसा-वैसा, अपने-आप)

चित्र के आधार पर काल संबंधी वाक्य बनाओ और समझो :

‘खेलना’ इस क्रिया के सकर्मक, अकर्मक, संयुक्त, सहायक और प्रेरणार्थक रूपों का वाक्यों में प्रयोग करो और लिखो।
अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-
अनेक व्यक्तियों ने प्रदर्शनी देखी।
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
वाह उसने ताे तुम्हें अच्छा धोखा दिया
निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| रत्नाकर | ||||
शब्द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए:-
तारा
शब्द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-
| विग्रह | शब्द | विलोम |
| + | उत्थान | × |
निम्न वाक्य के उद्देश्य और विधेय पहचानकर लिखिए:-
हमारे पिता जी अध्यापन के क्षेत्र में कार्यरत थे।
निम्न वाक्य के उद्देश्य और विधेय पहचानकर लिखिए:-
गायन में शब्दों का महत्त्व बहुत थोड़ा होता है।
पाठ्यपुस्तक की दूसरी इकाई के ७ से १३ के पाठों से भेदों सहित क्रियाओं को ढूँढ़कर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
कहीं, इस सर्वनाम का उपयोग करके अर्थपूर्ण वाक्य तैयार कीजिए।
वचन बदलिए।
उम्मीद = ______
वचन बदलिए।
एक = ______
इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्सम, तद्भव शब्द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्द ढूँढ़िए।
|
कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है। हिंदी में कुछ शब्द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं। शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है। हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है। प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा। तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे। |
पाठ्यपुस्तक के पाठ (सच का सौदा) से बीस विशेष शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
‘सौ’ शब्द का प्रयोग करके कोई दो कहावतें लिखिए ।
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
जहाँ एक लड़का ______ देख रहा था।
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
______ किसी ने ______ के हिंडोले से पुकारा।
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
| चिह्न | नाम | वाक्य |
| ! |
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
| चिह्न | नाम | वाक्य |
| ( ) |
पाठों में आए सभी प्रकार के अव्ययों को ढूँढ़कर उनसे प्रत्येक प्रकार के दस-दस वाक्य लिखिए।
शब्द संपदा -
शब्दों के लिंग, वचन, विलोमार्थक, समानार्थी, पर्यायवाची, शब्दयुग्म, अनेक शब्दों के लिए एक शब्द, भिन्नार्थक शब्द, कठिन शब्दों के अर्थ, विरामचिह्न, उपसर्ग-प्रत्यय पहचानना/अलग करना, लय-ताल युक्त शब्द ।
निम्नलिखित वाक्यों में से अशुद्ध वाक्य का चयन कीजिए:
