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मानव जीनोम परियोजना को महापरियोजना क्यों कहा गया। - Biology (जीव विज्ञान)

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प्रश्न

मानव जीनोम परियोजना को महापरियोजना क्यों कहा गया।

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

मानव जीनोम परियोजना एक अत्यंत विस्तृत स्तर की योजना है जिसके अंतर्गत मनुष्य के जीनोम में उपस्थित समस्त जीनों की पहचान की जाती है। मानव जीनोम में 3 × 109 क्षार युग्म हैं तथा प्रति क्षार पहचानने के लिए तीन अमेरिकन डॉलर का खर्च आता है। इस प्रकार संपूर्ण योजना पर लगभग 9 बिलियन डॉलर का खर्च आएगा। ज्ञात अनुक्रमों के संग्रह के लिए लगभग 3300 पुस्तकों की आवश्यकता होगी, जिनमें से प्रत्येक में 1000 पृष्ठ और 10000 शब्द होंगे। हमारा अनुमान है कि इस परियोजना को पूरा होने में 13 वर्ष लगेंगे।

अनेक देशों के हजारों वैज्ञानिक एक साथ इस पर कार्य करते हैं तो इसकी प्रथम प्रक्रिया पूर्ण होने में 10 वर्ष का समय लगता है। इतने स्तर के आँकड़ों के संग्रह, समापन व विश्लेषण के लिए उच्च कोटि के सांख्यिकीय साधनों की आवश्यकता होगी। अतः अपने इस विस्तृत स्तर के कारण यह योजना, महापरियोजना कहलाती है।

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मानव जीनोम परियोजना (ह्यूमन जीनोम प्रोजेक्ट)
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अध्याय 5: वंशागति के आणविक आधार - अभ्यास [पृष्ठ १२०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Jeev Vigyan [Hindi] Class 12
अध्याय 5 वंशागति के आणविक आधार
अभ्यास | Q 12. | पृष्ठ १२०
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