Advertisements
Advertisements
प्रश्न
माँग की बकाया राशि और माँग की अग्रिम राशि से संबंधित विधि के प्रावधानों का वर्णन करें।
Advertisements
उत्तर
कभी-कभी आबंटन पर माँगी गई पूर्ण राशि और/या माँग (माँगों) कौ धनराशि आरबंटियों/अंशधारकों से प्राप्त नहीं हो पाती है, इस प्रकार प्राप्त नहीं हुई राशि को संचयी तौर पर “अवत्त माँग' या "माँग की बकाया राशि" कहते हैं हालाँकि किसी कंपनी के लिए माँग की बकाया राशि का अलग खाता रखना अनिवार्य नहीं है। ऐसे भी दृष्यात हैं जहाँ कुछ अंशधारक उनको आबंटित अंशों पर अभी तक माँगी गई आंतरिक या पूर्ण राशि का भुगतान करना विवेकपूर्ण मानते हैं।
अंश धारक द्वारा आबंटन/माँग/(माँगों) पर उनसे प्राप्त राशि से अधिक किया गया भुगतान "माँग की अग्रिम राशि" के नाम से जाना जाता है जिसके लिए एक अलग खाता रखा जाता है कंपनी को अपने अंतर्नियमों के अनुसार माँग की बकाया राशियों पर ब्याज लगाने की शक्ति है और यदि यह इनको स्वीकार करती है तो अग्रिम माँग की राशि पर ब्याज का भुगतान करने का दायित्व भी होता है।
संबंधित प्रश्न
बकाया माँग से क्या अभिप्राय है?
प्रतिभूति प्रीमियम का प्रयोग कहाँ किया जा सकता है?
अधि-अभिदान की स्थिति में कंपनी के अंशों के आबंटन की प्रक्रिया का वर्णन करें।
अनीश लिमिटेड ने 100 रु. प्रत्येक के 30,000 समता अंशों का निर्गमित किया जो 30 रु. आवेदन पर, 50 रू. आबंटन पर, और 20 रु. प्रथम और अंतिम माँग पर देय हैं। सभी राशि विधिवत प्राप्त की गईं। इन व्यवहारों को कंपनी के रोजनामचे में अभिलेखित करें।
अल्प (न्यून) अभिदान शब्द को स्पष्ट करें। लेखा पुस्तकों में इसका लेखा किस प्रकार किया जाता है?
उन उद्देश्यों का वर्णन करें जिनके लिए कंपनी प्रतिभूति प्रीमियम की राशि का प्रयोग कर सकती है।
उन परिस्थितियों का स्पष्ट रूप से वर्णन करें जिसके अंतर्गत कंपनी बट्टे पर अंशों का निर्गमन कर सकती है।
मोहित ग्लास लिमिटेड ने 100 रु. प्रत्येक के 20,000 अंशों का 110 रु. प्रति अंश में निर्गमन किया। जिन पर 30 रु. आवेदन पर; 40 रु. आबंटन पर (प्रमियम ) 20 रु. प्रथम माँग पर; और 20 रु. अंतिम माँग पर देय है। 24,000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए और 20,000 अंशों का आबंटन किया गया और 4,000 अंशों को अस्वीकार करके उन पर प्राप्त राशि लौटा दी गई। सभी राशि प्राप्त की गई। रोज़नामचा प्रविष्टियाँ करें।
एक लिमिटेड कंपनी ने 10 रु. प्रत्येक के 1,00,000 पर समता अंशों को 2 रु. प्रति अंश प्रीमियम पर; 10 रू. प्रत्येक के 2,00,000; 10% अधिमान अंशों सममूल्य के लिए अभिदान आमंत्रित किया। अंशों पर देय राशि निम्न प्रकार है।
| समता अंश | अधिमान अंश | |
| आवेदन पर | 3 रु. प्रति अंश | 3 रु. प्रति अंश |
| आबंटन पर | 5 रु. प्रति अंश (प्रीमियम सहित) |
4 रु. प्रति अंश |
| प्रथम माँग पर | 4 रु. प्रति अंश | 3 रु. प्रति अंश |
सभी अशों पर पूर्ण अभिदान प्राप्त हुआ, माँगी गई राशि प्राप्त हुई। कंपनी की पुस्तकों में निम्न व्यवहारों को रोजनामचा और रोकड़ पुस्तक में अभिलेखन करें।
ईस्टर्न कंपनी लिमिटेड, जिसकी अधिकृत पूँजी 10,00,000 रू. है जो कि 10 रू. प्रति अंश में विभाजित हैं। कंपनी ने 50,000 अंश 3 रु. प्रति अंश प्रमियम पर निर्गमित किए जो इस प्रकार देय हैं-
| आवेदन पर | 3 रु . प्रति अंश |
| आबंटन पर (प्रीमियम सहित) | 5 रु . प्रति अंश |
| प्रथम माँग पर (आबंटन के तीन महीने बाद देय) |
3 रु . प्रति अंश |
और शेष राशि आवश्यकता पड़ने पर 60,000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए एवं निदेशकों ने निम्न प्रकार अंशों का आबंटन किया-
(अ) 40,000 अंशों के आवेदको को पूर्ण
(ब) 15,000 अंशों के आवेदको को 8,000 अंश आबंटित हुए
(स) 500 अंशों के आवदेको को 200 अंशो का आंबटन हुआ। अतिरिक्त राशि वापस कर दी गई।
आबंटन पर देय सभी राशियाँ प्राप्त कर ली गईं।
यथाविधि प्रथम माँग की गई और 100 अंशों पर देय माँग के छोड़ कर राशि प्राप्त कर ली गई।
कंपनी के इन व्यवहारों को रोजनामचा एवं रोकड़ बही में लिखें। और कंपनी का तुलन - पत्र भी तैयार करें ।
सुमित मशीन लिमिटेड ने 100 रु. प्रत्येक के 50,000 अंशों को 5 % प्रीमियम पर निर्गमन किया। अंशों पर 25 रु. आवेदन पर, 50 रु. आबंटन पर 30 रु. प्रथम और अंतिम माँग पर देय हैं निगर्मन पर पूर्ण अभिदान प्राप्त हुआ और 400 अंशों पर अंतिम माँग के अतिरिक्त संपूर्ण राशि प्राप्त की गई। प्रीमियम को आबंटन पर समायोजित किया जाएगा। रोजनामचा प्रविष्टियाँ और तुलन-पत्र तैयार करें।
कुमार लिमिटेड ने भानू आयल लिमिटेड से 6,30,000 रु. की परिसंपत्तियों का क्रय किया। कुमार लिमिटेड ने समझौते के अनुसार 100 रू. प्रत्येक के पूर्ण प्रदत्त अंशों का निर्गमन किया। कौन-सी रोज़नामचा प्रविष्टियाँ की जाएँगी यदि अंशों का निर्गमन (अ) सममूल्य पर; और (ब) 20% प्रीमियम पर हो।
आरूषी कंप्यूटर लिमिटेड ने 100 रु. प्रत्येक के 10,000 समता अंशों का 10% प्रीमियम पर निर्गमन किया। जिन पर निवल राशि इस प्रकार देय है-
| आवेदन पर | 20 रु. |
| आबंटन पर | 50 रु. (40 + 10 रु. प्रीमियम) |
| प्रथम माँग पर | 30 रु. |
| अंतिम माँग पर | 10 रु. |
एक अंशधारी जिसके पास 200 अंश हैं ने अंतिम माँग का भुगतान नहीं किया। इसके अंशों का हरण कर लिया गया। इन अंशों में से 150 अंशों को सोनिया को 75 रु. प्रति अंश पर पुन: निर्गमित किया गया। कंपनी की पुस्तकों में रोज़नामचा प्रविष्टियाँ करें।
प्रिंस लिमिटेड ने 10 रु. प्रत्येक अंश के 20,000 समता अंशों को 3 रु. प्रीमियम पर निर्गमन करने के लिए विवरण-पत्र पर आमंत्रित किया जो निम्न प्रकार देय हैं-
| आवेदन पर | 2 रू. |
| आबंटन पर (प्रीमियम सहित ) | 5 रू. |
|
प्रथम माँग पर |
3 रू. |
| द्वितीय माँग पर | 3 रू. |
30,000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए और आबंटन अनुपातिक आधार पर किया गया। आवेदन पर प्राप्त अधिक राशि को आबंटन पर देय राशि में समायोजित किया जाएगा। श्री मोहित जिनको 400 अंश आबंटित किए गए थे, आबंटन और प्रथम माँग राशि का भुगतान करने में असफ़ल रहे और प्रथम माँग के पश्चात् उनके अंशों का हरण कर लिया गया। श्री जौली जिनको 600 अंशों का आबंटन हुआ था दोनों माँग राशि का भुगतान करने में असफ़ल रहे अत: इनके अंशों का हरण कर लिया गया। हरण किए गए अंशों में से 800 अंशों का पुन: निर्गमन सुप्रिया को 9 रु. प्रति अंश पूर्ण भुगतान प्राप्त में किया गया, जिसमें श्री मोहित के सभी अंश सम्मिलित हैं। कंपनी की पुस्तकों में रोजनामचा प्रविष्टियाँ करें और तुलन-पत्र तैयार करें।
ओरिएंट कंपनी लिमिटेड ने जनता में अभिदान के लिए 10 रु. प्रत्येक अंश के 20,000 समता अंशों को 10% प्रीमियम पर निर्गमन किया जिन पर आवेदन पर 2 रु., आबंटन पर प्रीमियम सहित 4 रु., प्रथम माँग पर 3 रु., और द्वितीय और अंतिम माँग 2 रु. देय हैं। 26,000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए। 4,000 अंशों के आवेदन को अस्वीकृत कर दिया गया। शेष आवेदकों को आनुपातिक आबंटन किया गया दोनों माँगों की माँग की गई और 500 अंशों पर अंतिम माँग को छोड़कर सभी माँग राशि प्राप्त की गईं। इन अंशों का हरण कर लिया गया। हरण किए गए में से 300 अंशों को 9 रु. प्रति अंश पर पुनः निर्गमन किया गया। रोज़नामचा प्रविष्टियाँ करें और तुलन-पत्र तैयार करें।
अलफ़ा लिमिटेड ने 10 रू. प्रत्येक के 4,00,000 समता अंशों के लिए निम्न शर्तों पर आवेदन आमंत्रित किए -
|
आबेदन पर देय |
5 रु. |
| प्रति अंश आबंटन पर देय | 3 रु. |
| प्रति अंश प्रथम और अंतिम माँग पर देय | 2 रू. प्रति अंश |
5,00,000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए। यह निर्णय लिया गया-
(अ) 20,000 अंशों के आवेदकों को आबंटन अस्वीकृत कर दिया जाएगा।
(ब) 80,000 अंशों के आवेदकों को पूर्ण आबंटन किया जाएगा
(स) शेष बचे अंशों को अन्य आवेदकों के बीच अनुपातिक आधार पर आबंटन किया जाएगा।
(द) अधिक आवेदन राशि को आबंटन राशि के भुगतान में उपयोग किया जाएगा।
एक आवेदक जिसको अनुपातिक आधार पर आबंटन किया गया जिसने आबंटन और माँग राशि का भुगतान नहीं किया और उसके 400 अंशों का हरण कर लिया गया। इन अंशों का पुन: निर्गमन 9 रु. प्रति अंश पर किया गया। रोज़नामचा प्रविष्टियों को दर्शाएँ और उपरोक्त का अभिलेखन करने के लिए रोकड़ पुस्तक तैयार करें।
अशोका लिमिटेड कंपनी ने 20 रु. प्रत्येक के समता अंशों का 2 रु. प्रीमियम पर निर्गमित किया जिसमें से 1,000 अंशों का हरण 4 रु. अंतिम माँग के भुगतान न करने पर किया। हरण किए गए 400 अंशों को 14 रु. प्रति अंश पर पुन: निर्गमित किया गया। शेष अंशों में से 200 अंशों को 20 रु. प्रति अंश पर निर्गमित किया गया। अंशों के हरण और पुनः निर्गमन की रोजनामचा प्रविष्टियाँ करें और पूँजी आरक्षित में हस्तांतरित की गई राशि और अंश हरण खाते में शेष राशि को दर्शाएँ।
अमीशा लिमिटेड ने 100 रु. प्रत्येक के 40,000 अंशों को 20 रु. प्रति अंश प्रीमियम पर निर्गमन करने के लिए आवेदन आर्मंत्रित किए जिस पर 40 रु. आवेदन पर; 40 रु. आबंटन पर (प्रीमियम सहित) 25 रू. प्रथम माँग पर; 15 रु. द्वितीय और अंतिम माँग पर देय हैं। 50,000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए और आनुपातिक आधार पर आबंटन किया गया। अधिक आवेदन राशि को आबंटन पर देय राशि में समायोजित किया जाएगा।
रोहित जिसको 600 अंशों का आबंटन किया गया था आबंटन राशि का भुगतान करने में असफ़ल रहे इनके अंशों का आबंटन के पश्चात् हरण कर लिया गया। अस्मिता, जिसने 1,000 अंशों के लिए आवेदन किया था दोनों माँगों का भुगतान करने में असफ़ल रही इनके अंशों का हरण द्वितीय माँग के पश्चात् किया गया हरण किए गए अंशों में से 1,200 अंशों का विक्रय कपिल को 85 रू. प्रति अंश पूर्ण भुगतान प्राप्त में किया गया। जिसमें रोहित के सभी अंश सम्मिलित हैं। आवश्यक रोजनामचा प्रविष्टियाँ करें।
