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प्रश्न
माध्यमभाषया ससन्दर्भं स्पष्टीकुरुत।
सुरवाणी न केवलं विद्वद्भवम्।
अति संक्षिप्त उत्तर
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उत्तर १
English:
Sanskrit is not merely the language or property of scholars; it is also a language of the common people. Therefore, folk literature and folk drama should also be created in Sanskrit.
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उत्तर २
हिन्दी:
सूत्रधार के विरोध पर नट यह कथन कहता है। संस्कृत केवल विद्वानों की भाषा नहीं, बल्कि लोकभाषा भी है। अतः लोकसाहित्य और लोकनाट्य संस्कृत में भी प्रस्तुत किए जाने चाहिए।
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उत्तर ३
मराठी:
सूत्रधाराने संस्कृतमध्ये लोकनाट्य करण्यास विरोध केल्यावर नट हे म्हणतो. संस्कृत ही केवळ विद्वानांची भाषा नसून लोकभाषाही आहे. म्हणून लोकसाहित्य व लोकनाट्य संस्कृतमध्येही सादर केले पाहिजे.
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