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प्रश्न
माधवदास क्यों बार-बार चिड़िया से कहता है कि यह बगीचा तुम्हारा ही है? क्या माधवदास निःस्वार्थ मन से ऐसा कह रहा था? स्पष्ट कीजिए।
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उत्तर
माधवदास बार-बार चिड़िया से कहता है कि यह बगीचा तुम्हारा ही है, क्योंकि वह चाहता था कि चिड़िया उसी की कोठी और बगीचे में रहे और उसे अपनी सुंदरता व मधुर आवाज़ से आनंद दे। वह चिड़िया को देखकर प्रसन्न होता था और उसका साथ उसे अच्छा लगता था।
लेकिन माधवदास यह बात निःस्वार्थ भाव से नहीं कह रहा था।
वह चिड़िया की खुशी, उसकी माँ के पास जाने की चिंता या उसकी स्वतंत्रता को नहीं समझता था। उसका आग्रह अपने स्वार्थ और अपने सुख के लिए था, चिड़िया के हित के लिए नहीं।
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