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लम्बी दूरी के रेडियो प्रेषित्र लघु-तरंग बैंड का उपयोग करते हैं। क्यों? - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

लम्बी दूरी के रेडियो प्रेषित्र लघु-तरंग बैंड का उपयोग करते हैं। क्यों?

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

ये तरंगें पृथ्वी के आयनमण्डल से परावर्तित होकर वापस पृथ्वी तल की ओर लौट आती हैं। और इसी कारण बिना ऊर्जा खोए पृथ्वी पर लम्बी दूरियाँ तय कर पाती हैं।

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वैद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम
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अध्याय 8: वैद्युतचुंबकीय तरंगें - अभ्यास [पृष्ठ २८७]

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एनसीईआरटी Bhautiki bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
अध्याय 8 वैद्युतचुंबकीय तरंगें
अभ्यास | Q 8.15 - (a) | पृष्ठ २८७

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  1. 21 cm (अन्तरातारकीय आकाश में परमाण्वीय हाइड्रोजन द्वारा उत्सर्जित तरंगदैर्घ्य)
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  4. 5890 Å – 5896 Å (सोडियम की द्विक रेखाएँ)
  5. 14.4 keV [57Fe नाभिक के एक विशिष्ट संक्रमण की ऊर्जा जो प्रसिद्ध उच्च विभेदन की स्पेक्ट्रमी विधि से सम्बन्धित है (मॉसबौर स्पेक्ट्रोस्कॉपी)]

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