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प्रश्न
“लकड़ी की बड़ी अलमारी से पुस्तक ले आओ।” - इस वाक्य में विशेषण पदबंध कौन-सा है?
विकल्प
लकड़ी की बड़ी
बड़ी अलमारी से पुस्तक
अलमारी से पुस्तक ले आओ
बड़ी अलमारी से पुस्तक ले आओ
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उत्तर
बड़ी अलमारी से पुस्तक
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संबंधित प्रश्न
नीचे दिए गए वाक्यों को पढ़िए −
(क) श्याम का बड़ा भाई रमेश कल आया था। (संज्ञा पदबंध)
(ख) सुनीता परिश्रमी और होशियार लड़की है। (विशेषण पदबंध)
(ग) अरुणिमा धीरे-धीरे चलते हुए वहाँ जा पहुँची। (क्रिया विशेषण पदबंध)
(घ) आयुष सुरभि का चुटकुला सुनकर हँसता रहा। (क्रिया पदबंध)
ऊपर दिए गए वाक्य (क) में रेखांकित अंश में कई पद हैं जो एक पद संज्ञा का काम कर रहे हैं। वाक्य (ख) में तीन पद मिलकर विशेषण पद का काम कर रहे हैं। वाक्य (ग) और (घ) में कई पद मिलकर क्रमश: क्रिया विशेषण और क्रिया का काम कर रहे हैं।
ध्वनियों के सार्थक समूह को शब्द कहते हैं और वाक्य में प्रयुक्त शब्द 'पद' कहलाता है; जैसे - 'पेड़ों पर पक्षी चहचहा रहे थे।' वाक्य में 'पेड़ों' शब्द पद है क्योंकि इसमें अनेक व्याकरणिक बिंदु जुड़ जाते हैं। कई पदों के योग से बने वाक्यांश को जो एक ही पद का काम करता है, पदबंध कहते हैं। पदबंध वाक्य का एक अंश होता है।
पदबंध मुख्य रुप से चार प्रकार के होते हैं −
|
• संज्ञा पदबंध |
• क्रिया पदबंध |
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• विशेषण पदबंध |
• क्रियाविशेषण पदबंध |
वाक्यों के रेखांकित पदबंधों का प्रकार बताइए −
(क) उसकी कल्पना में वह एक अद्भुत साहसी युवक था।
(ख) तताँरा को मानो कुछ होश आया।
(ग) वह भागा-भागा वहाँ पहुँच जाता।
(घ) तताँरा की तलवार एक विलक्षण रहस्य थी।
(ङ) उसकी व्याकुल आँखें वामीरों को ढूँढने में व्यस्त थीं।
नीचे दिए गए वाक्यों के रेखांकित पदबंध का प्रकार बताइए-
- दुकानों में ऊँधते हुए चेहरे बाहर झाँके।
- लाल बालोंवाला एक सिपाही चला आ रहा था।
- यह ख्यूक्रिन हमेशा कोई न कोई शरारत करता रहता है।
- एक कुत्ता तीन टाँगों के बल रेंगता चला आ रहा है।
‘वामीरो फटती हुई धरती के किनारे चीखती हुई दौड़ रही थी।’ रेखांकित पदबंध का भेद है -
'निर्भीक और साहसी वज़ीर अली अपने अधिकार के लिए लड़ रहा था।' इस वाक्य में विशेषण पदबंध है -
क्रिया पदबंध का उदाहरण छाँटिए -
'हरिहर काका धीरे-धीरे चलते हुए आँगन तक पहुँचे' रेखांकित पदबंध का भेद है-
‘सुलेमान केवल मानव जाति के ही राजा नहीं थे, सारे छोटे-बड़े पशु-पक्षी के भी हाकिम थे।’ रेखांकित पदबंध का भेद है –
'अकसर हम या तो गुज़रे हुए दिनों की खट्टी-मीठी यादों में उलझे रहते हैं या भविष्य के रंगीन सपने देखते रहते हैं।' रेखांकित पदबंध का भेद है -
'खिड़की के बाहर अब असहाय दोनों कबूतर रात-भर खामोश और उदास बैठे रहते हैं।' रेखांकित पदबंध का भेद है -
“मैं तो खेलते-कुदते दरजे में अव्वल आ गया।” - वाक्य में रेखांकित पदबंध है:
'मैं हाँफते हुए धीरे-धीरे दौड़ रहा था।' - वाक्य में रेखांकित पदबंध है -
'उसकी कल्पना में वह अद्भुत साहसी युवक था।' - इस वाक्य में संज्ञा पदबंध है -
'धीरे-धीरे सूरज डूबता जा रहा था।' - वाक्य में रेखांकित पदबंध है -
'लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले आप आज खामोश क्यों हैं?' - वाक्य में रेखांकित पदबंध है:
“क्षितीश चटर्जी का फटा हुआ सिर देखकर आँख मिंच जाती थी।'' इस वाक्य में रेखांकित पदबंध है -
“हालाँकि उनकी एक नज़र बहुत कुछ कह गई ।”- इस वाक्य में रेखांकित का पदबंद भेद है।
"अपने गाँव के जिन चंद लोगों को मैं सम्मान देता हूँ, उनमें हरिहर काका भी एक हैं।" - इस वाक्य में रेखांकित का पदबंध भेद है।
“हरिहर काका के प्रति मेरी आसक्ति के अनेक व्यावहारिक और वैचारिक कारण हैं।” -इस वाक्य में रेखांकित का पदबंध भेद है।
