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प्रश्न
लेखक पर बिजली-सी कब गिर पड़ी?
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उत्तर
लेखक अपने छोटे भाई के साथ मक्खनपुर डाक में चिट्ठियाँ डालने जा रहा था। उसके साथ उसका छोटा भाई भी था। उस रास्ते में एक कुआँ पड़ता था जिसमें साँप गिर पड़ा था। लेखक के मन में उसकी फुसकार सुनने की इच्छा जाग्रत हुई। उसने एक हाथ से टोपी उतारी और उसी समय दूसरे हाथ से ढेला कुएँ में फेंका। टोपी उतारते ही उसमें रखी चिट्ठियाँ कुएँ में चक्कर काटते हुए गिर रही थी। चिट्ठियों की ऐसी स्थिति देखकर लेखक पर बिजली-सी गिर पड़ी।
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