Advertisements
Advertisements
प्रश्न
लेखक ने त्रिपुरा की यात्रा कब की? इस यात्रा का उद्देश्य क्या था?
Advertisements
उत्तर
लेखक ने त्रिपुरा की यात्रा दिसंबर 1999 में की। वह ‘आन दि रोड’ शीर्षक से बनने वाले टीवी धारावाहिक की शूटिंग के सिलसिले में त्रिपुरा की राजधानी अगरतला गया। इस यात्रा का उद्देश्य था त्रिपुरा की पूरी यात्रा कराने वाले राजमार्ग 44 से यात्रा करना तथा त्रिपुरा की विकास संबंधी गतिविधियों की जानकारी देना।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
गिलहरी के घायल बच्चे का उपचार किस प्रकार किया गया?
किन कारणों से लेखक ने चिट्ठियों को कुएँ से निकालने का निर्णय लिया?
‘मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय’ पाठ से आज के विद्यार्थियों को क्या प्रेरणा लेनी चाहिए?
हामिद कौन था? उसे लेखक की किन बातों पर विश्वास नहीं हो रहा था?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
सम्मिलित अभियान में सहयोग एवं सहायता की भावना का परिचय बचेंद्री के किस कार्य से मिलता है।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
अहमदाबाद से कौन-से दो साप्ताहिक निकलते थे?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए −
महादेव भाई की साहित्यिक देन क्या है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60) शब्दों में लिखिए −
पंजाब में फ़ौजी शासन ने क्या कहर बरसाया?
महादेव जी की अकाल मृत्यु का प्रमुख कारण क्या था?
महादेव भाई स्वयं को गांधी जी का ‘पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर’ क्यों कहते थे?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
पाठ में आए निम्नलिखित कथनों की व्याख्या कीजिए −
अतिथि सदैव देवता नहीं होता, वह मानव और थोड़े अंशों में राक्षस भी हो सकता है।
निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए -
सत्कार की ऊष्मा समाप्त हो रही थी। (भविष्यत् काल)
निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए -
इनके कपड़े देने हैं। (स्थानसूचक प्रश्नवाची)
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
रामन् भावुक प्रकृति प्रेमी के अलावा और क्या थे?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् के जीवन से प्राप्त होने वाले संदेश को अपने शब्दों में लिखिए।
नौकरी से बचे समय को रामन् कैसे बिताते थे?
रामन् की सफलता में उनके पिता के योगदान को स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
धर्म और ईमान के नाम पर किए जाने वाले भीषण व्यापार को कैसे रोका जा सकता है?
देश में धर्म की धूम है’-का आशय स्पष्ट कीजिए।
कुछ लोग ईश्वर को रिश्वत क्यों देते हैं? ऐसे लोगों को लेखक क्या सुझाव देता है?
