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लेखक अज्ञेय ने प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति में क्या अंतर बताया है?

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प्रश्न

लेखक अज्ञेय ने प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति में क्या अंतर बताया है?

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उत्तर

लेखक अज्ञेय ने प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति में अंतर बताते हुए कहा है कि अनुभव तो घटित का होता है, पर अनुभूति संवेदना और कल्पना के सहारे उसे सत्य को आत्मसात कर लेता है जो कृतिकार के साथ घटित नहीं हुआ है। जो आँखों के सामने नहीं आया, जो घटित के अनुभव में नहीं आया, वही आत्मा के सामने ज्वलंत प्रकाश में आ जाता है, तब वह अनुभूति-प्रत्यक्ष हो जाती है।

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