Advertisements
Advertisements
प्रश्न
कविता (मेरी स्मृति) में ‘कोयल’ तथा ‘साँझ’ के संदर्भ में आया वर्णन लिखिए।
टिप्पणी लिखिए
Advertisements
उत्तर
- कोयल : आम का मौसम आते ही अमराइयों में कोयल कूकने लगती है। कोयल के आते ही बगीचों में बाँसुरी की धुन सुनाई पड़ती है तथा बोर महकने लगते हैं। कोयल का मधुर स्वर सुनकर ऐसा लगता है कि अमराई में बाँसुरी बज रही है।
- साँझ : कवि ने "साँझ" शब्द का प्रयोग 'शाम" के लिए किया हैं। शाम के समय आसमान तारे निकल आते हैं। वर्षा ऋतु में पानी बरसने लगता है। रात के आने की सूचना देते हुए झींगुर बोलने लगते हैं।
shaalaa.com
मेरी स्मृति
क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
पहचान कर लिखिए :
कूकने वाली
पहचान कर लिखिए :
महकने वाला
पहचान कर लिखिए :
शहनाई बजाने वाले
पहचानकर लिखिए :
खोजने आने वाले
पहचानकर लिखिए :
खो जाने वाले
पहचानकर लिखिए :
प्रतीक्षा करने वाली
जोड़ियाँ मिलाइए :
| अ | आ |
| १. गाँव की दोपहर | झींगुर |
| २. मेहँदी की गंध | व्यथा |
| ३. शहनाई | छाँव |
| ४. छाई घटा | याद |
मेरी स्मृति इस कविता में नीचे दिए गए पंक्तियों का भावार्थ लिखिए :
'महुआ खड़ा ------ नभ है घिरा |'
'हरी-भरी वसुंधरा के प्रति मेरी जिम्मेदारी' पर आप अपने विचार लिखिए |
निम्नलिखित मुदूदों के आधार पर पद्यविश्लेघषण कीजिए :
'मेरी स्मृति' अथवा 'चिंता' मुद्दे:
- रचनाकार का नाम
- रचना की विधा
- पसंद की पंक्तियाँ
- पंक्तियाँ पसंद होने के कारण
- रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा।
