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प्रश्न
कविता में आए महाभारत के कथा-प्रसंगों को जानिए।
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उत्तर
यह प्रश्न सत्य कविता से लिया गया है। यह कविता विष्णु खरे द्वारा लिखी है।
सत्य कविता में कवि ने महाभारत के कथा प्रसंगों और पात्रों का वर्णन किया गया है। यह ग्रंथ जीवन में सत्य की महता को स्पष्ट करते है।
कवि कहते है सत्य की पहचान और उसकी पकड़ बहुत मुश्किल होती है। सत्य कभी दिखता है और कभी छुप जाता है। सत्य का रूप वस्तु , स्थिति और घटनाओं पात्रों के अनुसार बदलता है। अतीत की कथा का आधार लेकर अपनी बात प्रभावशाली है। युधिष्ठिर , विदुर और खांडवप्रस्थ-इन्द्रप्रस्थ के द्वार सत्य को , सत्य की महता को ऐतिहासिक के साथ प्रस्तुत करना है।
सत्य पुकारने से मिल जाता तो आज असत्य का बोल-बाला नहीं होता।सत्य पुकारने से नहीं सत्य का आचरण और दृढ़ निश्चय तथा उसका सामना करने से मिलता है।
जैसे धर्मराज युधिष्ठिर ने किया था।उन्होंने सम्पूर्ण जीवन सत्य का आचरण किया को सत्य को अपना धर्म समझा।विदुर ने उन्हें यह मार्ग दिखलाया था। जब युधिष्ठिर को पता चला की विदुर उन्हें सत्य के मार्ग से परिचित है तो वह उनके पीछे हो लिए।
सत्य स्वयं में के प्रबल शक्ति है। उसे दिखने से कोई नहीं रोक सकते है, यदि कोई भी मुश्किलें इसके विरोध में आ जाए तो वह शीघ्रता से ओझल हो जाता है।युधिष्ठिर ने अपने जीवन में सत्य का मार्ग चुना था।
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