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प्रश्न
‘कवि हरिवंशराय बच्चन जी ने ‘अंधेरे का दीपक’ कविता में मनुष्य को आशावादी बने रहने की प्रेरणा दी है।’ इस कथन को स्पष्ट करते हुए जीवन में आशावादिता के महत्त्व पर अपने विचार लिखिए।
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उत्तर
कवि हरिवंशराय बच्चन ने अपनी कविता ‘अंधेरे का दीपक’ के माध्यम से यह संदेश दिया है कि मनुष्य को कभी भी आशा का दीप बुझने नहीं देना चाहिए। इतिहास साक्षी है कि कभी भव्य और विशाल राजमहल हुआ करते थे, जो शक्ति, युद्ध और क्रांति के प्रतीक थे, पर समय के साथ वे नष्ट होकर खंडहर बन गए। इसके विपरीत, एक छोटा-सा दीपक भी शांति और प्रकाश के माध्यम से हिंसा और युद्ध जैसी शक्तियों को नियंत्रित कर सकता है।
कवि यह भी समझाते हैं कि यदि मनुष्य को महँगे पात्र में रखी चमकदार मदिरा प्राप्त न हो, तो इसमें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। अपनी प्यास बुझाने के लिए स्वच्छ और निर्मल झरने का जल भी पर्याप्त हो सकता है। साधारण साधनों से भी जीवन की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकता है।
इन उदाहरणों के माध्यम से कवि हमें सदैव आशावादी बने रहने की प्रेरणा देते हैं। उनका कहना है कि जीवन में कठिन परिस्थितियाँ अवश्य आती हैं, किंतु हमें उनमें छिपे सकारात्मक पक्ष को भी देखना चाहिए। आशावादी दृष्टिकोण ही वह आंतरिक शक्ति है, जो कठिन समय में हमें धैर्य बनाए रखने और उससे बाहर निकलने में सहायता करती है। चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करके ही मनुष्य जीवन में सफलता प्राप्त करता है। इसलिए यह आवश्यक है कि हम हर परिस्थिति में आशा और सकारात्मक सोच को बनाए रखें।
