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प्रश्न
कृति पूर्ण कीजिए:

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उत्तर

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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
सोंधी-सोंधी-सी सुगंध, माटी से बोली, चारों ओर हुई हरियाली कहे मयूरा, बाग-बगीचे, ताल-तलैया सब मुस्काएँ, |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए: (2)

(2) पदयांश को अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
| चारों ओर हुई हरियाली कहे मयूरा, सदियों का जो सपना है हो जाए पूरा। एक यहाँ पर नहीं अकेला, होगी टोली, सोंधी-सोंधी सी सुगंध, माटी से बोली।। बाग-बगीचे, ताल-तलैया, सब मुस्काएँ, झूम-झूमकर मस्ती में तरु गीत सुनाएँ। |
(1) उचित जोड़ियाँ मिलाइए- (अपने पद के अनुसार) (2)
| अ | उत्तर | आ |
| अकेला | ______ | मुस्काएँ |
| सोंधी-सोंधी | ______ | टोली |
| बाग-बगीचे | ______ | गीत |
| झूम-झूमकर | ______ | माटी |
(2) पहली दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
कृति पूर्ण कीजिए:

गीत में प्रयुक्त क्रियारूप लिखिए:
- बाग-बगीचे, ताल-तलैया ______
- झूम-झूमकर मस्ती में तरु गीत ______
- मधुमास आस-विश्वास ______
- धरती ने ______
प्रस्तुत गीत की प्रथम चार पंक्तियों का भावार्थ लिखिए।
| सोंधी-सोंधी-सी सुगंध, माटी से बोली, बादल बरस गया, धरती ने आँखें खोलीं। चारों ओर हुई हरियाली कहे मयूरा, सदियों का जो सपना है हो जाए पूरा। |
