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स्थानीय व्यंजनों के प्रसार को प्रश्रय कैसे मिली? - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

खानपान संस्कृति का ‘राष्ट्रीय एकता’ में क्या योगदान है?

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उत्तर

खानपान संस्कृति का राष्ट्रीय एकता में महत्त्वपूर्ण योगदान है। खाने-पीने के व्यंजनों का प्रभाव एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में बढ़ता जा रहा है। उदाहरण के तौर पर उत्तर भारत के व्यंजन दक्षिण व दक्षिण के व्यंजन उत्तर भारत में अब काफ़ी प्रचलित हैं। इससे लोगों के मेलजोल भी बढ़ता जा रहा है जिससे राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिलता है।

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गद्य (Prose) (Class 7)
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अध्याय 14: खानपान की बदलती तसवीर - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
अध्याय 14 खानपान की बदलती तसवीर
अतिरिक्त प्रश्न | Q 13

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