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“खान पान सन्मान राग रंग मनहिं न भावै।” इस पंक्ति में रेखांकित शब्दों के अर्थ शब्दकोश से देखकर लिखिए। प्रत्येक के लिए एक-एक उदाहरण भी दीजिए।

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प्रश्न

“खान पान सन्मान राग रंग मनहिं न भावै।”

इस पंक्ति में रेखांकित शब्दों के अर्थ शब्दकोश से देखकर लिखिए। प्रत्येक के लिए एक-एक उदाहरण भी दीजिए।

लघु उत्तरीय
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उत्तर

  • सन्मान – आदर-सम्मान, प्रतिष्ठा
    हमें अपने बड़ों का सन्मान करना चाहिए।
  • मनहिं- ‘मन + ही’ का अपभ्रंश रूप है।
    तरुण बहुत दुबला-पतला है क्योंकि उसे पौष्टिक आहार मनहिं नहीं भाता।
  • भावै – अच्छा या रुचिकार लगना
    जिसके जैसे विचार, उसे वैसे ही लोग भावै।
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अध्याय 6: गिरिधर कविराय की कुंडलिया - पाठ से [पृष्ठ ७६]

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एनसीईआरटी Hindi Malhar Class 7
अध्याय 6 गिरिधर कविराय की कुंडलिया
पाठ से | Q (ग) | पृष्ठ ७६
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