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कबीर के दोहों को साखी क्यों कहा जाता है? ज्ञात कीजिए।

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प्रश्न

कबीर के दोहों को साखी क्यों कहा जाता है? ज्ञात कीजिए।

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उत्तर

कबीर ने श्रोता (ईश्वर) को साक्षी मानकर अपने दोहों की रचना की इसलिए इनके दोहों को 'साखी' कहा जाता है। साखी का अर्थ है साक्षी अर्थात् गवाही। कबीर ने जो कुछ आँखों से देखा उसे अपने शब्दों में व्यक्त करके लोगों को समझाया।

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गद्य (Prose) (Class 8)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 9: कबीर की साखियाँ - पाठ से आगे [पृष्ठ ५२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Vasant Bhag 3 Class 8
अध्याय 9 कबीर की साखियाँ
पाठ से आगे | Q 4 | पृष्ठ ५२

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