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कांग्रेस पार्टी किन मसलों को लेकर 1969 में टूट की शिकार हुई?

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प्रश्न

कांग्रेस पार्टी किन मसलों को लेकर 1969 में टूट की शिकार हुई?

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

कांग्रेस पार्टी निम्न मसलों को लेकर 1969 में टूट की शिकार हुई:

  1. इंदिरा गाँधी की कांग्रेस सिंडिकेट से टक्कर: कांग्रेस के कुछ पुराने दिग्गज नेता इंदिरा गाँधी को अनुभवहीन मानते थे और उनहोंने ‘सिंडिकेट’ नाम से अपना अलग समूह बना लिया। ये किंगमेकर की भूमिका निभाने लगे। इंदिरा गाँधी ने इस समूह के वर्चस्व को चुनौती देने के लिए ‘इंडिकेट’ खड़ा किया। इस प्रकार पार्टी की टूट की शुरुआत हुई।
  2. राष्ट्रपति पद का चुनाव: 1969 के राष्ट्रपति के चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार नीलम संजीव रेड्डी के विरुद्ध इंदिरा गाँधी और उनके समर्थकों द्वारा उपराष्ट्रपति वी. वी. गिरी को कहा गया की वे एक स्वतंत्र उम्मदीवार के रूप में राष्ट्रपति पद के लिए अपना नामांकन भरें। यह कांग्रेस पार्टी में फुट का प्रमुख कारण था।
  3. प्रधानमंत्री और उपप्रधानमंत्री के बीच मतभेद: इंदिरा गाँधी ने चौदह अग्रणी बैंकों के राष्ट्रीयकरण और भूतपूर्व राजा - महाराजाओं को प्राप्त विशेषधिकार यानी ‘प्रिवी पर्स’ को समाप्त करने जैसी कुछ बड़ी और जनप्रिय नीतियों की घोषणा की। उस वक्त मोरारजी देसाई देश के उपप्रधनमंत्री और वित्तमंत्री थे। उपर्युक्त दोनों मुद्दों पर प्रधानमंत्री और उसके बिच गहरे मतभेद उभरे और इसके परिणामस्वरूप मोरारजी ने सरकार से किनारा कर लिया।
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कांग्रेस में विभाजन
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अध्याय 5: कांग्रेस प्रणाली : चुनौतियाँ और पुनर्स्थापना - प्रश्नावली [पृष्ठ १०१]

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एनसीईआरटी Rajneeti Vigyaan Swatantra Bharat me Rajneeti [Hindi] Class 12
अध्याय 5 कांग्रेस प्रणाली : चुनौतियाँ और पुनर्स्थापना
प्रश्नावली | Q 9. | पृष्ठ १०१
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