Advertisements
Advertisements
प्रश्न
केषां गृहेषु हर्षं जनयाम ?
Advertisements
उत्तर
दुःखित-पीडित-कृषिजनानां गृहेषु हर्षं जनयाम।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
पाठे दत्तं गीतं सस्वरं गायत।
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
सा ______ जलेन मुखं प्रक्षालयति। (विमल)
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
कण्ठः ______ शोभते।
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
नभः ______ प्रकाशते। (सूर्य)
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
पर्वतशिखरम् ______ आकर्षकं दृश्यते। (अम्बुदमाला)
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
वयं कीदृशं सोपानं रचयाम ?
आकाशे का: चित्वा मौक्तिकहारं रचयाम ?
विलोमपदानि योजयत–
| उत्रत: | पृथिव्याम् |
| गगने | असुन्दर: |
| सुन्दर: | अवनत: |
| चित्वा | शोक: |
| दु:खी | विकीर्य |
| हर्ष: | सुखी |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| चतुर्थी | साधवे | ______ | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| षष्ठी | गुरोः | ______ | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| सप्तमी | शिशौ | ______ | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| सम्बोधन | हे विष्णो | ______ | ______ |
पर्याय–पदानि योजयत–
| गगने | जलद: |
| विमले | निशाकर: |
| चन्द्र: | आकाशे |
| सूर्य: | निर्मले |
| अम्बुद: | दिवाकर: |
