हिंदी

‘जॉर्ज पंचम की नाक’ पाठ में निहित व्यंग्य को स्पष्ट करते हुए बताइए कि मानसिक पराधीनता से मुक्ति पाना क्यों आवश्यक है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

‘जॉर्ज पंचम की नाक’ पाठ में निहित व्यंग्य को स्पष्ट करते हुए बताइए कि मानसिक पराधीनता से मुक्ति पाना क्यों आवश्यक है?

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

'जॉर्ज पंचम की नाक' इस कहानी के माध्यम से लेखक ने नौकरशाहों की मानसिक पराधीनता का उल्लेख किया है। सत्ता से जुड़े लोग हुए लोग शासकों के व्यक्तिगत स्वार्थों की पूर्ति के लिए मानसिक गुलामी के लिए हर समय तैयार रहते हैं। 'नई दिल्ली में सब था सिर्फ नाक नहीं थी यानी सरकारी तंत्र में ऊपर से निचे तक केवल चापलूसी हो रही थी, भ्रष्टाचार व्याप्त था। ऐसे में जनता का मनोबल टूटता है और आम लोगों में भी मानसिक पराधीनता की भावना भर जाती है। लोग उचित - अनुचित में अंतर नहीं कर पाते। लेखक ने रानी एलिज़ाबेथ के स्वागत को लेकर सरकारी तंत्र में फैली अफरा - तफरी के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया है हमें भेड़चाल में न पड़कर हीन मानसिकता से बाहर निकलने की ज़रूरत है।

shaalaa.com
जॉर्ज पंचम की नाक
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
2021-2022 (March) Term 2 Sample

संबंधित प्रश्न

रानी एलिजाबेथ के दरज़ी की परेशानी का क्या कारण था? उसकी परेशानी को आप किस तरह तर्कसंगत ठहराएँगे?


सरकारी तंत्र में जॉर्ज पंचम की नाक लगाने को लेकर जो चिंता या बदहवासी दिखाई देती है वह उनकी किस मानसिकता को दर्शाती है।


आज की पत्रकारिता में चर्चित हस्तियों के पहनावे और खान-पान संबंधी आदतों आदि के वर्णन का दौर चल पड़ा है −

इस तरह की पत्रकारिता आम जनता विशेषकर युवा पीढ़ी पर क्या प्रभाव डालती है?


प्रस्तुत कहानी में जगह-जगह कुछ ऐसे कथन आए हैं जो मौजूदा व्यवस्था पर करारी चोट करते हैं। उदाहरण के लिए 'फाईलें सब कुछ हज़म कर चुकी हैं।' 'सब हुक्कामों ने एक दूसरे की तरफ़ ताका।' पाठ में आए ऐसे अन्य कथन छाँटकर लिखिए।


नाक मान-सम्मान व प्रतिष्ठा का द्योतक है। यह बात पूरी व्यंग्य रचना में किस तरह उभरकर आई है? लिखिए।


अखबारों ने जिंदा नाक लगने की खबर को किस तरह से प्रस्तुत किया?


जॉर्ज पंचम की नाक लगने वाली खबर के दिन अखबार चुप क्यों थे?


मूर्तिकार की उन परेशानियों का वर्णन कीजिए जिनके कारण उसे ऐसा हैरतअंगेज़ निर्णय लेना पड़ा। वह निर्णय के या था?


रानी एलिजाबेथ के भारत दौरे के समय अखबारों में उनके सूट के संबंध में क्या-क्या खबरें छप रही थीं?


जॉर्ज पंचम की नाक’ नामक पाठ में भारतीय अधिकारियों, मंत्रियों और कार्यालयी कार्य प्रणाली पर कठोर व्यंग्य किया गया है। इसे स्पष्ट कीजिए।


इंग्लैंड के अखबारों में छपने वाली उन खबरों का उल्लेख कीजिए जिनके कारण हिंदुस्तान में सनसनी फैल रही थी?


जॉर्ज पंचम की नाक की सुरक्षा के लिए क्या-क्या इंतजाम किए गए थे?


रानी के भारत आगमन से पहले ही सरकारी तंत्र के हाथ-पैर क्यों फूले जा रहे थे?


‘जॉर्ज पंचम की नाक’ पाठ के आधार पर बताइए कि रानी के आगमन पर राजधानी में क्या-क्या तैयारियाँ हो रही थी? इस तैयारी और बदलाव के पीछे भारतीय प्रशासन की कौन-सी मानसिकता थी? इसे देख आपको क्या अनुभव होता है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×