हिंदी

जलवायु में एक प्रकार का ऐक्य होते हुए भी, भारत की जलवायु में क्षेत्रीय विभिन्नताएँ पाई जाती हैं। उपयुक्त उदाहरण देते हुए इस कथन को स्पष्ट कीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

जलवायु में एक प्रकार का ऐक्य होते हुए भी, भारत की जलवायु में क्षेत्रीय विभिन्नताएँ पाई जाती हैं। उपयुक्त उदाहरण देते हुए इस कथन को स्पष्ट कीजिए।

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

मानसूनी पवनों की व्यवस्था भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच एकता को बल प्रदान करती है। मानसून जलवायु की व्यापक एकता के इस दृष्टिकोण से किसी भी जलवायु की प्रादेशिक भिन्नता की उपेक्षा नहीं की जा सकती। यही भिन्नता भारत के विभिन्न प्रदेशों के मौसम और जलवायु को एक दूसरे से अलग करती है। उदाहरण के लिए दक्षिण में केरल तथा तमिलनाडु की जलवायु उत्तर में उत्तर प्रदेश तथा बिहार की जलवायु से अलग है, फिर भी इन सभी राज्यों की जलवायु में अनेक प्रादेशिक भिन्नताएँ हैं, जिन्हें पवनों के प्रतिरूप, तापक्रम और वर्षा, ऋतुओं की लय तथा आर्द्रता एवं शुष्कता की मात्रा में भिन्नता के रूप में देखा जा सकता है। इन प्रादेशिक विविधताओं का जलवायु के उपवर्गों के रूप में वर्णन किया जा सकता है। हिमालय के ऊपरी भाग में हमेशा निम्न तापमान रहता है जबकि केरल और तमिलनाडु के तटवर्ती भागों में हमेशा उच्च तापमान देखने को मिलता है। इस प्रकार भारत में मानसूनी एकता के बावजूद क्षेत्रीय भिन्नताएँ पाई जाती हैं।

shaalaa.com
भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 4: जलवायु - अभ्यास [पृष्ठ ५८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhugol Bharat Bhautik Pryavaran [Hindi] Class 11
अध्याय 4 जलवायु
अभ्यास | Q 3. (i) | पृष्ठ ५८
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×