Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘जीना भी एक कला है’ - कुटज के आधार पर सिद्ध कीजिए।
Advertisements
उत्तर
यह सही है कि जीवन जीना भी एक कला है। जो व्यक्ति इस कला को सीख लेते हैं, वे कभी असफल नहीं होते। वे जीवन पथ की धूप से विचलित नहीं होते। न ही लू के थपेड़े उन्हें अपने कर्तव्य मार्ग से डिगा सकते हैं। ऐसे व्यक्ति सदैव अपनी धुन के पक्के रहते हैं और हर परिस्थिति में हँसते-मुस्कराते हुए आनंदपूर्ण जीवन जीते हैं। ‘कुटज’ पाठ भी यही संदेश देता है कि हमें कठिन परिस्थितियों में कभी विचलित नहीं होना चाहिए। कष्टों का साहसपूर्वक सामना करते हुए सदा प्रसन्न रहना चाहिए। जीवन में अनेक बाधाएँ आती हैं। मनुष्य को उनसे संघर्ष करना चाहिए तथा हर स्थिति में उल्लासपूर्ण जीवन जीना चाहिए।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
कुटज के बारे में उसकी विशेषताओं को बताने वाले दस वाक्य पाठ से छाँटिए और उनकी मानवीय संदर्भ में विवेचना कीजिए।
लेखक ने ‘कुटज’ को ही क्यों चुना? उसको अपनी रचना के लिए जंगल में पेड़-पौधे तथा फूलों-वनस्पतियों की कोई कमी नहीं थी।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् द्वारा पं हजारी प्रसाद द्विवेदी पर बनाई फिल्म देखिए।
‘कुटज’ की तर्ज पर किसी जंगली फूल पर लेख अथवा कविता लिखने का प्रयास कीजिए।
