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‘जीना भी एक कला है’ - कुटज के आधार पर सिद्ध कीजिए।

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प्रश्न

‘जीना भी एक कला है’ - कुटज के आधार पर सिद्ध कीजिए।

दीर्घउत्तर
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उत्तर

यह सही है कि जीवन जीना भी एक कला है। जो व्यक्ति इस कला को सीख लेते हैं, वे कभी असफल नहीं होते। वे जीवन पथ की धूप से विचलित नहीं होते। न ही लू के थपेड़े उन्हें अपने कर्तव्य मार्ग से डिगा सकते हैं। ऐसे व्यक्ति सदैव अपनी धुन के पक्के रहते हैं और हर परिस्थिति में हँसते-मुस्कराते हुए आनंदपूर्ण जीवन जीते हैं। ‘कुटज’ पाठ भी यही संदेश देता है कि हमें कठिन परिस्थितियों में कभी विचलित नहीं होना चाहिए। कष्टों का साहसपूर्वक सामना करते हुए सदा प्रसन्न रहना चाहिए। जीवन में अनेक बाधाएँ आती हैं। मनुष्य को उनसे संघर्ष करना चाहिए तथा हर स्थिति में उल्लासपूर्ण जीवन जीना चाहिए।

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हजारी प्रसाद द्विवेदी
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अध्याय 2.08: हजारी प्रसाद द्विवेदी (कुटज) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ १३८]

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एनसीईआरटी Hindi Antara Bhag 2 [English] Class 12
अध्याय 2.08 हजारी प्रसाद द्विवेदी (कुटज)
प्रश्न-अभ्यास | Q 4. | पृष्ठ १३८
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