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'जिज्ञासु, प्रबुद्ध, सदा श्रद्धामय, इसको भक्ति को दे दो।'

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प्रश्न

'जिज्ञासु, प्रबुद्ध, सदा श्रद्धामय, इसको भक्ति को दे दो।'

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उत्तर

कविता में दीप को कवि ने व्यक्ति के रूप में चित्रित किया है।व्यक्ति हमेशा जिज्ञासु प्रवृत्ति का रहा है। इसी कारण वह ज्ञानवान और श्रद्धा से भरा हुआ है। मनुष्य तथा दीप दोनों में ये गुण विद्यमान होते हैं।

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यह दीप अकेला
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अध्याय 1.03: सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' (यह दिप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ १९]

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एनसीईआरटी Hindi Antara Bhag 2 [English] Class 12
अध्याय 1.03 सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' (यह दिप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद)
प्रश्न-अभ्यास | Q 6. (ग) | पृष्ठ १९

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