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प्रश्न
जब सफ़िया अमृतसर पुल पर चढ़ रही थी तो कस्टम ऑफ़िसर निचली सीढ़ी के पास सिर झुकाए चुपचाप क्यों खड़े थे?
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उत्तर
संबंधित प्रश्न
सफ़िया के भाई ने नमक की पुड़िया ले जाने से क्यों मना कर दिया?
नमक की पुड़िया ले जाने के संबंध में सफ़िया के मन में क्या द्वंद्व था?
लाहौर अभी तक उनका वतन है और देहली मेरा या मेरा वतन ढाका है जैसे उद्गार किस सामाजिक यथार्थ का संकेत करते हैं।
नमक ले जाने के बारे में सफ़िया के मन में उठे द्वंद्वों के आधार पर उसकी चारित्रिक विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए।
क्यों कहा गया?
क्या सब कानून हुकूमत के ही होते हैं, कुछ मुहब्बत, मुरौवत, आदमियत, इंसानियत के नहीं होते?
क्यों कहा गया?
भावना के स्थान पर बुद्धि धीरे-धीरे उस पर हावी हो रही थी।
क्यों कहा गया?
मुहब्बत तो कस्टम से इस तरह से गुज़र जाती है कि कानून हैरान रह जाता है।
हमारी ज़मीन हमारे पानी का मज़ा ही कुछ और है!
फिर पलकों से कुछ सितारे टूटकर दूधिया आँचल में समा जाते हैं।
किसका वतन कहाँ है- वह जो कस्टम के इस तरफ़ है या उस तरफ़।
नीचे दिए गए वाक्यों को ध्यान में पढ़िए-
- हमारा वतन तो जी लाहौर ही है।
- क्या सब कानून हुकूमत के ही होते हैं?
नमक कहानी में नमक की पुड़िया इतनी महत्त्वपूर्ण क्यों हो गई थी? कस्टम अधिकारी उसे लौटाते हुए भावुक क्यों हो उठा था?
