हिंदी

जब ऐलुमिनियम पाउडर को MnO2 के साथ गरम किया जाता है तो निम्नलिखित अभिक्रया होती है - 3MnO2(s) + 4Al(s) → 3Mn(l) + 2AL2O3(I)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

जब ऐलुमिनियम पाउडर को MnO2 के साथ गरम किया जाता है तो निम्नलिखित अभिक्रया होती है -

3MnO2(s) + 4Al(s) → 3Mn(l) + 2AL2O3(I) + ऊष्मा

  1. क्या ऐलुमिनियम का अपचयन हो रहा है?
  2. क्या MnO2 का ऑक्सीकरण हो रहा है?
संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

दी गई रासायनिक अभिक्रिया में, एल्युमीनियम अपचायक के रूप में कार्य कर रहा है। एल्युमीनियम मैंगनीज डाइऑक्साइड को मैंगनीज में अपचयित करने में मदद कर रहा है और स्वयं एल्यूमीनियम ऑक्साइड में ऑक्सीकृत हो रहा है।

  1. नहीं, एल्युमीनियम का ऑक्सीकरण हो रहा है। 
  2. नहीं, MnO2 का अपचयन हो रहा है।
shaalaa.com
धातुओं की प्राप्ति
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 3: धातु एवं अधातु - Exemplar [पृष्ठ २५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Vigyan Exemplar [Hindi] Class 10
अध्याय 3 धातु एवं अधातु
Exemplar | Q 44. | पृष्ठ २५

संबंधित प्रश्न

निम्न पद की परिभाषा दीजिएः

खनिज


निम्न पद की परिभाषा दीजिएः

अयस्क


धातु को उसके ऑक्साइड से प्राप्त करने के लिए किस रासायनिक प्रक्रम का उपयोग किया जाता है?


जिंक, मैग्नीशियम एवं कॉपर के धात्विक ऑक्साइडों को निम्न धातुओं के साथ गर्म किया गयाः

धातु जिंक मैग्नीशियम कॉपर
जिंक ऑक्साइड - - -
मैग्नीशियम ऑक्साइड - - -
कॉपर ऑक्साइड - - -

किस स्थिति में विस्थापन अभिक्रिया घटित होगी?


निम्न में कौन सा युगल विस्थापन अभिक्रिया प्रदर्शित करता हैः


कारण बताइएः

ऐलुमिनियम अत्यंत अभिक्रियाशील धातु है, फिर भी इसका उपयोग खाना बनाने वाले बर्तन बनाने के लिए किया जाता है।


कारण बताइएः

निष्कर्षण प्रक्रम में कार्बोनेट एवं सल्फ़ाइड अयस्क को ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है।


एक व्यक्ति प्रत्येक घर में सुनार बनकर जाता है। उसने पुराने एवं मलीन सोने के आभूषणों में पहले जैसी चमक पैदा करने का ढोंग रचाया। कोई संदेह किए बिना ही एक महिला अपने सोने के कंगन उसे देती है जिसे वह एक विशेष विलयन में डाल देता है। कंगन नए की तरह चमकने लगते हैं लेकिन उनका वजन अत्यंत कम हो जाता है। वह महिला बहुत दुखी होती है तथा तर्क-वितर्क के पश्चात उस व्यक्ति को झुकना पड़ता है। एक जासूस की तरह क्या आप उस विलयन की प्रकृति के बारे में बता सकते हैं।


  1. कॉपर को उसके अयस्क से निष्कर्षण हेतु पद नीचे दिए गए हैंसंबंधित अभिक्रियाएँ लिखिए।
    1. कॉपर (I) सल्फाइड का भंजन
    2. कॉपर (I) ऑक्साइड के साथ
    3. कॉपर (I) सल्फाइड का अपचयनविद्युत अपघटनी परिष्करण 
  2. कॉपर के विद्युत अपघटनी परिष्करण के लिए एक स्वच्छ एवं नामांकित चित्र बनाइए। 

एक तत्व A वायु में सुनहरी ज्वाला से जलता है। यह अन्य तत्व B (परमाणु क्रमांक 17 ) से अभिक्रिया पर उत्पाद C देता है। उत्पाद C का जलीय विलयन विद्युत अपघटन पर यौगिक D देता है तथा हाइड्रोजन मुक्त करता है। A, B, C तथा D को पहचानिए तथा संबंधित अभिक्रियाओं के रासायनिक समीकरण लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×