Advertisements
Advertisements
प्रश्न
इस पुस्तक में भरतवंश की वंशावली दी गई है। तुम भी अपने परिवार की ऐसी ही एक वंशावली तैयार करो। इस कार्य के लिए तुम अपने बड़े लोगों से मदद ले सकते हो।
Advertisements
उत्तर

APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
नगरभर में क्या समाचार फैल गया था? लोग उसके बारे में क्या बातें कर रहे थे?
बहुविकल्पी प्रश्न
आश्रम में हर महीने कितने अतिथियों के आने की संभावना थी?
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
पेट में पाए जाने वाले कीड़े किस बीमारी का कारण बनते हैं?
रक्त के विभिन्न कण-शरीर में क्या-क्या भूमिका अदा करते हैं? विस्तारपूर्वक लिखिए।
नमूने के अनुसार लिखो
नमुना : सजीव- निर्जीव
|
क |
सम- |
|
ख |
गरमी- |
|
ग |
गंदा- |
|
घ |
कम- |
|
ङ |
जीवन- |
|
च |
हाज़िर- |
कहानी के इस वाक्य पर ध्यान दो-
“इतने में उसे एक बड़ा भारी गुब्बारा दिखाई दिया” तुम्हें क्या लगता है कि गुब्बारा भारी होता है? लेखक ने उसे भारी क्यों कहा है?
नीचे लिखा वाक्य पढ़ो। उसमें इस्तेमाल हुए मुहावरे को अपने ढंग से इस्तेमाल करके कुछ और वाक्य बनाओ।
बलदेव का दिल काँप उठा।
तुम्हारे स्कूल से भागने के कौन-कौन से बुरे परिणाम हो सकते हैं?
वर्षों बाद मिनी के पिता ने काबुलीवाले को उसकी किस बात से पहचान लिया?
तुम्हें सर्दी-गरमी के मौसम में अपने घर के आसपास क्या-क्या दिखाई देता है?
नीचे पाठ में से चुनकर कुछ शब्द दिए गए हैं। तुम इनका प्रयोग अपने ढ़ग के वाक्य बनाने में करो।
(क) हरे-भरे
(ख) उमड़-घुमड़
(ग) एक-दूसरे
(घ) धीरे-धीरे
(ङ) टप-टप
(च) फटी-पुरानी
बहुविकल्पी प्रश्न
खंभे के स्वभाव के बारे में पेड़ क्या सोचता था?
लैटरबक्स बाकी पात्रों से कैसे भिन्न है?
बैठने पर खंभे की क्या प्रतिक्रिया होती है?
लड़की को उसके घर पहुँचाने के लिए क्या उपाय सोची गई?
बैलगाड़ी और घोड़ागाड़ी शब्द दो शब्दों को जोड़ने से बने हैं। इसमें दूसरा शब्द प्रधान है, यानी शब्द का प्रमुख अर्थ दूसरे शब्द पर टिका है। ऐसे समास को तत्पुरुष समास कहते हैं। ऐसे छह शब्द और सोचकर लिखिए और समझिए कि उनमें दूसरा शब्द प्रमुख क्यों है?
स्थानीय व्यंजनों की गुणवत्ता में क्या फ़र्क आया है? इसकी क्या वजह हो सकती है?
विस्मयाभिभूत शब्द विस्मय और अभिभूत दो शब्दों के योग से बना है। इसमें विस्मय के य के साथ अभिभूत के अ के मिलने से या हो गया है। अ आदि वर्ण है। ये सभी वर्ण ध्वनियों में व्याप्त हैं। व्यंजन वर्गों में इसके योग को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जैसे क + अ = क इत्यादि। अ की मात्रा के चिह्न (ा) से आप परिचित हैं। अ की भाँति किसी शब्द में आ के भी जुड़ने से अकार की मात्रा ही लगती है, जैसे-मंडल + आकार = मंडलाकार। मंडल और आकार की संधि करने पर (जोड़ने पर) मंडलाकार शब्द बनता है और मंडलाकार शब्द का विग्रह करने पर (तोड़ने पर) मंडल और आकार दोनों अलग होते हैं। नीचे दिए गए शब्दों के संधि-विग्रह कीजिए
संधिविग्रह
नील + आभ = ______ सिंहासन = ______
नव + आगंतुक = ______ मेघाच्छन्न = ______
चयनित व्यक्ति/पशु/पक्षी की खास बातों को ध्यान में रखते हुए एक रेखाचित्र बनाइए।
