हिंदी

इस प्रेक्षण की अनुकूलता को कैसे समझाएँगे? यद्यपि क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट तथा अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट दोनों ही ऑक्सीकारक हैं। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

इस प्रेक्षण की अनुकूलता को कैसे समझाएँगे?

यद्यपि क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट तथा अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट दोनों ही ऑक्सीकारक हैं। फिर भी टॉलूईन से बेंजोइक अम्ल बनाने के लिए हम एल्कोहॉलक पोटैशियम परमैंगनेट का प्रयोग ऑक्सीकारक के रूप में क्यों करते हैं? इस अभिक्रिया के लिए संतुलित अपचयोपचय समीकरण दीजिए।

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

यदि टॉलूईन का ऑक्सीकरण क्षारीय अथवा अम्लीय KMnO4 द्वारा किया जाये तो ऑक्सीकरण को नियंत्रित करना कठिन होगा। इसमें मुख्य उत्पाद बेंजोइक ऐसिड (benzoic acid) के साथ-साथ सह अभिक्रियाओं (side reactions) द्वारा दूसरे उत्पाद भी प्राप्त होंगे। इसलिए टॉलूईन के ऑक्सीकरण के लिये क्षारीय अथवा अम्लीय KMnO4 के स्थान पर ऐल्कोहॉलिक KMnO4 को वरीयता दी जाती है। अपचयोपचय (redox reaction) अभिक्रिया नीचे दी गई है–

\[\ce{\underset{\text{Toluene}}{C6H5CH3} + 2K\overset{+7}{Mn}O4 -> 2KOH + 2\overset{+4}{Mn}O2 + \underset{\text{Benzoic acid}}{C6H5COOH}}\]

`["Average O.S. of C" = -8/7]["Average O.S. of C" = -2/7]`

shaalaa.com
अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित यौगिक के सूत्र लिखिए-

निकल (II) सल्फेट


निम्नलिखित यौगिक के सूत्र लिखिए-

टिन (IV) ऑक्साइड


निम्नलिखित यौगिक के सूत्र लिखिए-

थेलियम (I) सल्फेट


निम्नलिखित यौगिक के सूत्र लिखिए-

आयरन (III) सल्फेट


उन पदार्थों की सूची तैयार कीजिए, जिनमें कार्बन -4 से +4 तक की तथा नाइट्रोजन -3 से +5 तक की ऑक्सीकरण अवस्था होती है।


इस अभिक्रिया को देखिए-

\[\ce{O3(g) + H2O2(l) -> H2O(l) + 2O2(g)}\]

बताइए कि इसे निम्नलिखित ढंग से लिखना ज्यादा उचित क्यों है?

\[\ce{O3(g) + H2O2(l) -> H2O(l) + O2(g) + O2(g)}\]

उपर्युक्त अपचयोपचय अभिक्रिया के अन्वेषण की विधि सुझाइए।


"जब भी एक ऑक्सीकारक तथा अपचायक के बीच अभिक्रिया संपन्न की जाती है, तब अपचायक के आधिक्य में निम्नतर ऑक्सीकरण अवस्था का यौगिक तथा ऑक्सीकारक के आधिक्य में उच्चतर ऑक्सीकरण अवस्था का यौगिक बनता है।" इस वक्तव्य का औचित्य तीन उदाहरण देकर दीजिए।


निम्नलिखित अभिक्रिया में ऑक्सीकृत, अपचयित, ऑक्सीकारक तथा अपचायक पदार्थ पहचानिए-

\[\ce{2AgBr(s) + C6H6O2(aq) -> 2Ag(s) + 2HBr(aq) + C6H4O2(aq)}\]


निम्नलिखित अभिक्रिया क्यों होती है?

\[\ce{XeO^{4-}_6(aq) + 2F^-(aq) + 6H^+(aq) -> XeO3(g) + F2(g) + 3H2O(l)}\]

यौगिक Na4XeO6 (जिसका एक भाग \[\ce{XeO^{4-}_6}\] है) के बारे में आप इस अभिक्रिया में क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?


निम्नलिखित अभिक्रियाओं में-

(क) \[\ce{H3PO2(aq) + 4AgNO3(aq) + 2H2O(l) -> H3PO4(aq) + 4Ag(s) +4HNO3(aq) }\]

(ख) \[\ce{H3PO2(aq) + 2CuSO4(aq) + 2H2O(l) -> H3PO4(aq) + 2Cu(s) + 2H2SO4(aq)}\]

(ग) \[\ce{C6H5CHO(l) + 2[Ag(NH3)2)]^+ (aq) + 3OH^-(aq) -> C6H5COO^-(aq) + 2Ag(s) + 4NH3(aq) + 2H2O(l)}\]

(घ) \[\ce{C6H5CHO(l) + 2Cu^2+(aq) + 5OH^-(aq)}\] कोई परिवर्तन नहीं।

इन अभिक्रियाओं से Ag+ तथा Cu2+ के व्यवहार के विषय में निष्कर्ष निकालिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×