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(I) दिए गए परिपथ आरेख में एक बैटरी B, एक कुंजी K, एक प्रतिरोध R तथा एक मोटा कॉपर तार XY श्रेणीक्रम में जुड़े हैं और तार के निकट एक दिक्सूचक रखा है। (II) इससे आप किस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं?

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प्रश्न

(I) दिए गए परिपथ आरेख में एक बैटरी B, एक कुंजी K, एक प्रतिरोध R तथा एक मोटा कॉपर तार XY श्रेणीक्रम में जुड़े हैं और तार के निकट एक दिक्सूचक रखा है।

(II) इससे आप किस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं?

दीर्घउत्तर
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उत्तर

  1. इस व्यवस्था का उपयोग विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव को प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है, अर्थात यह दिखाने के लिए कि धारा वहन करने वाला चालक अपने चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है।
  2. जब तार XY में विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो कंपास की सुई विचलित हो जाती है। यह चुंबकीय क्षेत्र की उपस्थिति को दर्शाता है। अतः हम निष्कर्ष निकालते हैं कि विद्युत धारा किसी चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है।
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